सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र और Delhi Police से कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में, खासकर रात के समय, महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने के लिए अधिक मजबूत और प्रभावी कदम उठाए जाएं। Justices J.B. Pardiwala और K. Vinod Chandran की पीठ दिल्ली-NCR में हाल की बलात्कार घटनाओं से जुड़े स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई कर रही थी।
अदालत ने कहा कि शहर के कुछ संवेदनशील इलाकों को लेकर यह धारणा है कि वहां महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। पीठ ने जोर दिया कि अपराध हो जाने के बाद कार्रवाई करने के बजाय रोकथाम को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अदालत ने कहा कि दिल्ली में हर महिला को सड़क पर चलते हुए या सड़क और मेट्रो से सफर करते हुए, रात 10 बजे भी, सुरक्षित महसूस होना चाहिए।
पीठ ने महिलाओं के खिलाफ अपराध करने की प्रवृत्ति रखने वालों के लिए प्रभावी भय पैदा करने की जरूरत पर भी जोर दिया। अदालत ने कहा कि पुलिसिंग, निगरानी और सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था की कमियां ऐसी स्थिति नहीं बनने दें, जिससे अपराधों को बढ़ावा मिले।
सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर को हाल की बलात्कार घटनाओं पर स्वत: संज्ञान लिया था और इन घटनाओं को सार्वजनिक सुरक्षा तथा संस्थागत जवाबदेही से जुड़ी गंभीर चिंता बताया था। अदालत ने राजधानी में संवेदनशील स्थानों और सुरक्षा तंत्र पर अधिक ध्यान देने को भी कहा है। ताजा टिप्पणियां महिलाओं को यौन हिंसा से बचाने के लिए निवारक पुलिसिंग, सुरक्षित सार्वजनिक स्थानों और मजबूत संस्थागत उपायों की जरूरत को रेखांकित करती हैं।
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