सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल स्थित डिजास्टर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (DMI), मध्य प्रदेश शासन द्वारा यूएन वीमेन इंडिया के सहयोग से राज्य-स्तरीय परामर्श का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) की योजनाओं में जेंडर संवेदनशीलता को एकीकृत करना था। परामर्श में राज्य के विभिन्न विभागों, नागरिक समाज संगठनों और संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत निदेशक सुधीर द्विवेदी, संयुक्त निदेशक, DMI के स्वागत भाषण से हुई। निदेशक जॉर्ज वी. जोसेफ ने DRR की रूपरेखा साझा की। निदेशक अशिष भार्गव, आईएएस, कार्यकारी निदेशक, DMI ने मुख्य उद्घाटन भाषण में विभागीय समन्वय और जेंडर एकीकरण पर बल दिया।
विशेष वक्ताओं में निदेशक अनिल गुलाटी (यूनिसेफ) और निदेशक जॉयत्री रे (यूएन वीमेन) ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा व नेतृत्व की महत्ता को रेखांकित किया। तकनीकी सत्रों में मध्यप्रदेश की आपदा प्रोफ़ाइल और ओडिशा के सामुदायिक DRR मॉडल प्रस्तुत किए गए।
चार कार्यसमूहों द्वारा आपदा की तैयारी, प्रतिक्रिया, शमन और पुनर्वास पर केंद्रित चर्चाएं हुईं, जिसमें महिला भागीदारी, जेंडर-डिसएग्रीगेटेड डेटा और समावेशी चेतावनी प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया गया।
परामर्श का समापन साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ—“जब एक महिला प्रभावित होती है, तो पूरा परिवार प्रभावित होता है।”
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