सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : केरल में इस साल निपाह वायरस का पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संक्रमित मरीज की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम लगातार मरीज की निगरानी कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार, मरीज में निपाह वायरस के लक्षण दिखने के बाद तुरंत जांच की गई, जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद उसे आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
अस्पताल में आपात स्थिति लागू
मामले की पुष्टि होते ही अस्पताल प्रशासन ने आपात प्रोटोकॉल लागू कर दिए हैं। संक्रमित मरीज के संपर्क में आए सभी लोगों की पहचान की जा रही है और प्राथमिक स्तर पर उनकी स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
स्टाफ क्वारंटीन, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तेज
मरीज के इलाज में शामिल डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्टाफ को एहतियातन क्वारंटीन कर दिया गया है। साथ ही, मरीज के हालिया संपर्कों की सूची तैयार कर संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
पूरे राज्य में हाई अलर्ट
राज्य सरकार ने स्थिति को गंभीर मानते हुए पूरे केरल में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संदिग्ध मामलों की तुरंत रिपोर्टिंग और जांच अनिवार्य कर दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
8 साल में छठी बार संक्रमण
यह ध्यान देने योग्य है कि पिछले 8 वर्षों में यह छठी बार है जब केरल में निपाह वायरस का मामला सामने आया है। बार-बार संक्रमण के मामले आने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है, हालांकि हर बार सरकार ने तेजी से नियंत्रण उपाय लागू किए हैं।
निपाह वायरस कितना खतरनाक?
निपाह वायरस एक गंभीर संक्रमण है जो जानवरों से इंसानों में फैल सकता है और संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क से भी इसका प्रसार हो सकता है। यह वायरस दिमागी बुखार (एन्सेफलाइटिस) जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है, जिससे जान का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर पहचान और आइसोलेशन ही इसका सबसे प्रभावी बचाव है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में सावधानी बरतें, साफ-सफाई का ध्यान रखें और किसी भी संदिग्ध लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
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