सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान–2026 जल संरक्षण की एक सशक्त पहल बनकर उभरा है। यह अभियान केवल जल संकट के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। जनभागीदारी, जागरुकता और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से यह अभियान पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन और राज्य को जल-संपन्न बनाने में प्रभावी साबित हो रहा है। अभियान के अंतर्गत जबलपुर संभाग में नर्मदा नदी सहित तालाबों, कुओं और अन्य जल संरचनाओं के पुनर्भरण, साफ-सफाई और संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया। कुंडम विकासखंड के ग्राम झोझ में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में जल चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों को जल संरक्षण का संकल्प दिलाया गया और जल स्रोतों की सफाई एवं सोक-पिट्स के निर्माण की कार्ययोजना तैयार की गई। इसी प्रकार कटनी जिले के ग्राम पोड़ी में जल जागरूकता चौपाल आयोजित कर तालाब, बावड़ी और नदी के गहरीकरण व साफ-सफाई के माध्यम से वर्षा जल संचयन हेतु श्रमदान का संकल्प लिया गया। नरसिंहपुर और डिंडौरी जिलों में जल शक्ति से नव भक्ति कार्यक्रमों के अंतर्गत वृक्ष पूजन, पौधरोपण, पुराने कुएँ की सफाई और जल संरक्षण के उपायों की जानकारी दी गई। मंडला जिले में परकोलेशन टैंक निर्माण और छिंदवाड़ा जिले में जल मंदिर (प्याऊ) का शुभारंभ किया गया, जिससे ग्रामीण और राहगीरों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके। सिवनी, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, स्वच्छता अभियानों और फील्ड टेस्टिंग किट के माध्यम से ग्रामीणों में जल संरक्षण और पेयजल गुणवत्ता के प्रति जागरूकता बढ़ाई गई। कलेक्टरों और अधिकारियों ने जल संरक्षण की आवश्यकता और पानी के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जल ही जीवन है, केवल उक्ति नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व का आधार है। इस अभियान ने प्रदेश में सामूहिक संकल्प, जनभागीदारी और सतत जल प्रबंधन के लिए मजबूत आधार तैयार किया है।
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