सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : दिल्ली विश्वविद्यालय की गोल्ड मेडलिस्ट से आईपीएस तक मंजिल सैनी का सफर
नई दिल्ली। भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी मंजिल सैनी की कहानी शिक्षा, दृढ़ संकल्प और चुनौतीपूर्ण पुलिस सेवा के सफर से जुड़ी है। दिल्ली में जन्मी मंजिल सैनी ने सेंट स्टीफंस कॉलेज से भौतिकी में स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से उच्च शिक्षा हासिल की और वहां स्वर्ण पदक प्राप्त किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने करीब तीन वर्ष तक निजी क्षेत्र में काम किया।
वर्ष 2000 में विवाह के बाद भी उन्होंने अपने करियर को आगे बढ़ाने का फैसला किया। वर्ष 2005 में उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा पहली कोशिश में पास की और उत्तर प्रदेश कैडर की आईपीएस अधिकारी बनीं। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने गर्भावस्था के दौरान परीक्षा दी थी।
मंजिल सैनी की पहली बड़ी तैनाती मुरादाबाद में सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में हुई। इसी दौरान वह चर्चित अवैध गुर्दा प्रत्यारोपण मामले की जांच से जुड़ीं। बाद में उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पुलिस की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2016 में उन्हें लखनऊ का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बनाया गया और वह राजधानी के इस पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं।
पुलिस सेवा के दौरान उनके कामकाज के कारण उन्हें मीडिया और पुलिस जगत में ‘लेडी सिंघम’ के नाम से भी संबोधित किया गया। उन्हें विभिन्न सेवा सम्मानों के साथ वीरता पदक भी मिला है। उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, मंजिल सैनी 2005 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में पुलिस महानिरीक्षक, सतर्कता के पद पर तैनात हैं।
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