सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल को धीरे-धीरे एलपीजी सिलेंडर मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। शहर में घरेलू गैस आपूर्ति को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। इस योजना के तहत चार प्रमुख कॉलोनियों में शत-प्रतिशत PNG कनेक्शन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
गैस वितरण कंपनी और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त पहल के तहत उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है जहां बड़ी संख्या में आवासीय इकाइयां हैं और जहां पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार अपेक्षाकृत आसान है। लक्ष्य है कि इन कॉलोनियों के प्रत्येक घर तक PNG कनेक्शन पहुंचाया जाए, ताकि रसोई गैस सिलेंडरों पर निर्भरता कम हो सके।
चार इमली क्षेत्र को भी मिला नेटवर्क का लाभ
शहर के प्रमुख और वीआईपी क्षेत्रों में शामिल चार इमली को भी PNG नेटवर्क से जोड़ दिया गया है। इसके साथ ही यहां के निवासियों को घरों तक सीधे गैस आपूर्ति की सुविधा मिलने लगी है। अधिकारियों का मानना है कि इससे न केवल उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी बल्कि सिलेंडर की बुकिंग, डिलीवरी और भंडारण जैसी समस्याओं से भी राहत मिलेगी।
सुरक्षा और सुविधा पर जोर
PNG को एलपीजी सिलेंडर की तुलना में अधिक सुरक्षित विकल्प माना जाता है। पाइपलाइन के माध्यम से लगातार गैस आपूर्ति होने से सिलेंडर खत्म होने की चिंता नहीं रहती। साथ ही, आधुनिक सुरक्षा तंत्र और निगरानी व्यवस्था के कारण दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होती है।
पर्यावरण संरक्षण में भी मिलेगी मदद
विशेषज्ञों के अनुसार, प्राकृतिक गैस अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन है। इसके उपयोग से प्रदूषण कम होता है और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आती है। इसी वजह से देश के कई बड़े शहरों में PNG नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
तेजी से बढ़ रहे PNG उपभोक्ता
भोपाल में पिछले कुछ वर्षों में PNG उपभोक्ताओं की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। नई कॉलोनियों और आवासीय परियोजनाओं में भी गैस पाइपलाइन नेटवर्क को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में शहर का बड़ा हिस्सा पाइप्ड गैस नेटवर्क से जुड़ जाएगा।
भविष्य की योजना
प्रशासन और गैस कंपनी का लक्ष्य शहर के अधिक से अधिक घरों को PNG नेटवर्क से जोड़ना है। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं ताकि नागरिक पाइप्ड गैस के लाभों को समझें और इस सुविधा का लाभ उठाएं। यदि योजना सफल रहती है तो भोपाल देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो सकता है जहां घरेलू गैस के लिए सिलेंडरों पर निर्भरता काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
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