सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : आंचलिक विज्ञान केन्द्र, भोपाल द्वारा भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान ,भोपाल के सहयोग से विद्यार्थियों के लिए ‘युवा विज्ञान संवाद’ श्रृंखला के अंतर्गत एक विशेष संवादात्मक सत्र का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों तथा महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अवसरों से परिचित कराना और उन्हें अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप करियर चुनने के लिए प्रेरित करना है। यह संवाद सत्र 28 अक्टूबर 2026 को प्रातः 11:00 बजे आंचलिक विज्ञान केन्द्र, भोपाल में आयोजित किया जाएगा।

‘युवा विज्ञान संवाद’ श्रृंखला का एक प्रमुख उद्देश्य युवाओं को विज्ञान, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को सशक्त बनाना है। इस दृष्टिकोण के साथ आंचलिक विज्ञान केन्द्र, भोपाल एवं, भोपाल द्वारा संयुक्त रूप से इस श्रृंखला की परिकल्पना की गई है। इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा, रचनात्मकता एवं अनुसंधान की भावना विकसित करना तथा उन्हें देश की वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रगति में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस प्रथम संवाद सत्र में आईआईएसईआर, भोपाल के प्रभारी निदेशक एवं जैविक विज्ञान विभाग के रघुवीर सिंह तोमर प्रमुख वक्ता के रूप में विद्यार्थियों से संवाद करेंगे। सत्र का विषय “भोजन और एपिजीनोम का संबंध: यह समझना कि आहार किस तरह जीन रेगुलेशन को प्रभावित करता है”, जिसमें भोजन, पोषण और जीन की कार्यप्रणाली के बीच संबंधों पर चर्चा की जाएगी।

सत्र में बताया जाएगा कि भोजन केवल ऊर्जा प्रदान करने का माध्यम नहीं है, बल्कि इसमें उपस्थित विभिन्न पोषक तत्त्व शरीर में जीन की अभिव्यक्ति एवं कार्यप्रणाली को भी प्रभावित कर सकते हैं। फोलेट, विटामिन B12, कोलीन तथा फलों, सब्जियों, अनाज और मसालों में पाए जाने वाले विभिन्न जैव-सक्रिय घटकों की भूमिका के माध्यम से विद्यार्थी पोषण संबंधी एपिजेनेटिक्स की अवधारणा को समझ सकेंगे। यह विषय कोशिकीय चयापचय, विकास, उम्र बढ़ने तथा विभिन्न रोगों के प्रति संवेदनशीलता जैसे महत्त्वपूर्ण पहलुओं से जुड़ा है। ‘युवा विज्ञान संवाद’ श्रृंखला की विशेषता विशेषज्ञों के साथ प्रत्यक्ष संवाद एवं प्रश्नोत्तर का अवसर है। इस दौरान विद्यार्थी विषय से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे तथा विज्ञान के उभरते क्षेत्रों, अनुसंधान और उनमें उपलब्ध शैक्षणिक एवं करियर संभावनाओं के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे। इस प्रकार, यह पहल विद्यार्थियों को केवल विज्ञान की अवधारणाओं से परिचित कराने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन्हें भविष्य के वैज्ञानिक, शोधकर्ता एवं नवप्रवर्तक बनने की दिशा में भी प्रेरित करेगी।

आंचलिक विज्ञान केन्द्र, भोपाल एवं आईआईएसईआर, भोपाल की यह संयुक्त पहल विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, अनुसंधान के प्रति रुचि बढ़ाने तथा उन्हें भविष्य के लिए सूचित और उचित करियर निर्णय लेने में सहायता प्रदान करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। दोनों संस्थानों का साझा लक्ष्य युवाओं की वैज्ञानिक क्षमता को प्रोत्साहित करना, उनमें आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है। विद्यार्थियों, विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों से इस संवादात्मक सत्र में सहभागिता करने का आग्रह किया जाता है।


Hashtags: #MadhyaPradeshState #Bhopal #आंचलिक #विज्ञान #केंद्र #अक्टूबर #युवा #संवाद #सीएनएन #आंचलिकविज्ञानकेंद्रमें