सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : “ ओबीई के प्रभावी क्रियान्वयन, शैक्षणिक परिणामों के मूल्यांकन और गुणवत्ता संवर्धन पर शिक्षकों को दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण; प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए ”भोपाल। स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी, भोपाल के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ द्वारा परिणाम-आधारित शिक्षा पर आयोजित तीन दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम एवं हैंड्स-ऑन कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को ओबीई की अवधारणा, उसके प्रभावी क्रियान्वयन तथा शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था। कार्यशाला में एक्रेडिटेशन-एज स्टेमवोगेल कंसल्टिंग के प्रिंसिपल कंसल्टेंट एवं विशेषज्ञ सलाहकार जे. आर. शर्मा ने विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने विभिन्न सत्रों के माध्यम से शिक्षकों को परिणाम-आधारित शिक्षा के प्रमुख पहलुओं और शैक्षणिक प्रक्रियाओं में इसके प्रभावी उपयोग की जानकारी दी।

कार्यशाला के दौरान विश्वविद्यालय एवं विभागों के विजन और मिशन, कार्यक्रम शैक्षिक उद्देश्य ,कार्यक्रम परिणाम ,कार्यक्रम-विशिष्ट परिणाम ,तथा पाठ्यक्रम के परिणाम के निर्धारण और उनके बीच समन्वय जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ आउटकम मैपिंग, ब्लूम्स टैक्सोनॉमी, कोर्स टीचिंग प्लान और कोर्स असेसमेंट प्लान तैयार करने की प्रक्रिया को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया। प्रतिभागियों को प्रश्नपत्रों एवं असाइनमेंट के लिए मूल्यांकन मानदंड तैयार करने पाठ्यक्रम प्राप्ति का सारांश तथा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष मूल्यांकन विधियों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। विद्यार्थियों से प्राप्त फ़ायदे, विद्यार्थियों के निकास सर्वेक्षण और नियोक्ताओं के सर्वेक्षण के माध्यम से शैक्षणिक कार्यक्रमों के परिणामों का मूल्यांकन करने और सुधार के क्षेत्रों की पहचान करने पर भी विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञ जे. आर. शर्मा ने बताया कि परिणाम-आधारित शिक्षा केवल निर्धारित शैक्षणिक परिणामों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षण, मूल्यांकन, परिणामों के विश्लेषण और निरंतर सुधार की एक समग्र प्रक्रिया है। उन्होंने शिक्षकों को शिक्षण पद्धतियों और मूल्यांकन प्रणाली को निर्धारित सीखने के परिणाम के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

एसजीएसयू के चांसलर सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा , “उच्च शिक्षा की गुणवत्ता का आकलन केवल पाठ्यक्रम पूरा करने से नहीं, बल्कि इस बात से होता है कि विद्यार्थी वास्तव में क्या सीख रहे हैं और उस ज्ञान का उपयोग किस प्रकार कर पा रहे हैं। परिणाम-आधारित शिक्षा शिक्षण और मूल्यांकन को स्पष्ट शैक्षणिक परिणामों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। इस तरह की कार्यशालाएँ शिक्षकों को आधुनिक शैक्षणिक पद्धतियों को अपनाने और विद्यार्थियों के समग्र विकास को बेहतर बनाने में मदद करती हैं।”विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर विजय सिंह ने कहा , “ओबीई” का प्रभावी क्रियान्वयन शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, परिणामोन्मुख और प्रभावी बनाता है। शिक्षकों के लिए पाठ्यक्रम के परिणाम,मूल्यांकन मानदंड और विद्यार्थियों की प्रगति का नियमित विश्लेषण करना आवश्यक है। इस प्रकार के क्षमता निर्माण कार्यक्रम शैक्षणिक गुणवत्ता को मजबूत करने और निरंतर सुधार की संस्कृति विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।” रजिस्ट्रार. सितेश सिन्हा ने कहा , “विश्वविद्यालय में गुणवत्ता आश्वासन की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए अकादमिक योजनाओं, शिक्षण पद्धतियों और मूल्यांकन प्रणालियों के बीच समन्वय आवश्यक है। , “ओबीई” पर केंद्रित यह कार्यशाला शिक्षकों को निर्धारित शैक्षणिक परिणामों के अनुरूप अपनी शिक्षण प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने और गुणवत्ता संवर्धन के प्रयासों को आगे बढ़ाने में उपयोगी सिद्ध होगी।” कार्यशाला के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय की ओर से जे. आर. शर्मा के विशेषज्ञ मार्गदर्शन और योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया। उन्हें विशेषज्ञ सलाहकार के रूप में सहभागिता के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया। साथ ही, कार्यशाला में भाग लेने वाले शिक्षकों एवं अन्य प्रतिभागियों को भी उनकी सहभागिता के प्रमाणस्वरूप प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। यह पहल स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी की संकाय विकास, शैक्षणिक उत्कृष्टता और परिणाम-आधारित शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता को निरंतर बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।


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