सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्य प्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय, भोपाल में विश्व स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजन के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में एल एन मेडिकल कॉलेज एवं जे के हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. ए. के. चौधरी उपस्थित रहे। उनका स्वागत विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलगुरु एवं कुलसचिव द्वारा शॉल और श्रीफल भेंट कर किया गया।
इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन की थीम स्वास्थ्य के लिए एकजुट रहें और विज्ञान के साथ खड़े हों पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. ए. के. चौधरी ने संत कबीर के दोहे—
गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूँ पाय।
बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय।
आपसी सहयोग और सद्भावना बनाए रखने का संदेश दिया। सभी लोगों को एक-दूसरे के प्रति सहयोग की भावना रखनी चाहिए। साथ ही प्रकृति से जुड़कर नियमित व्यायाम करना चाहिए, जिससे शरीर स्वस्थ रहता है और बीमारियों से बचाव होता है।
डॉ. चौधरी ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य दिवस 7 अप्रैल 1950 से मनाया जा रहा है। उन्होंने स्क्रीन टाइम कम करने की सलाह दी और COVID-19 का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय लोगों में संवेदनाएं कम हो गई थीं और लोग अपने ही परिजनों से मिलने से डर रहे थे। जब तक हम डॉक्टर पर विश्वास नहीं करेंगे, तब तक दवाइयों का पूरा असर नहीं होगा। साथ ही डॉ चौधरी ने कहा कि आज भी विश्व में भारत के लोगों को कम आंका जाता है, जबकि भारतीय विदेशों में जाकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलगुरु डॉ. रतन सूर्यवंशी ने कहा कि हर दिन हेल्थ डे है, इसलिए सभी को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी बीमारी पहले से बताकर आती, इसलिए हमें हमेशा सतर्क और जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने खाना खाओ पानी की तरह और पानी पियो खान की तरह कहकर संतुलित जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। साथ ही प्रकृति से मिलने वाले संसाधनों, मौसमी फलों और संतुलित आहार पर जोर दिया। उन्होंने “प्रिवेंशन इज़ बेटर दैन क्योर” का उदाहरण देते हुए स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की बात कही। “सर्वे संतु निरामया” का उल्लेख करते हुए उन्होंने सनातन परंपराओं जैसे उपवास को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने की आवश्यकता बताई। अंत में उन्होंने “स्वस्थ रहें, मस्त रहें” का संदेश दिया।
कार्यक्रम के संयोजक माननीय कुलसचिव डॉ. सुशील मंडेरिया ने WHO की थीम पर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कोविड-19 के दौरान चिकित्सकों के योगदान और मानव सेवा की सराहना की।
कुलसचिव डॉ. सुशील मंडेरिया ने कहा कि डॉक्टर ऐसा व्यक्तित्व होता है जो मरीज को बचाने के लिए पूरी कोशिश करता है, इसलिए हमें डॉक्टरों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि किसी भी बीमारी को नजरअंदाज न करें और योग्य डॉक्टर से ही उपचार लें। साथ ही प्राकृतिक और घरेलू उपाय अपनाने पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव नितिन सांगले, डॉ. प्रज्ञा शुक्ला (निदेशक आईटी), डॉ. नरेंद्र त्रिपाठी (निदेशक अकादमी), डॉ. प्रज्ञा ओझा (निदेशक सीका), डॉ. शुचि मिश्रा, डॉ. सुनीता पमनानी, डॉ. सुनील गुलाटी, डॉ. राजवती दीपांकर सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन सीका की वरिष्ठ सलाहकार श्रीमती निधि रावल गौतम ने किया।
#विश्वस्वास्थ्यदिवस #भोजमुक्तविश्वविद्यालय #स्वास्थ्यजागरूकता #कार्यक्रम #जनस्वास्थ्य