सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : व्रत में कौन सा आटा ज्यादा हेल्दी है? जानें फायदे
नवरात्रि के व्रत में खानपान का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। इस दौरान गेहूं के आटे की जगह कुट्टू, सिंघाड़ा, राजगिरा और समा के चावल का इस्तेमाल किया जाता है। इन विकल्पों से रोटी, चीला, खिचड़ी और अन्य व्यंजन बनाए जा सकते हैं। लेकिन सवाल है कि इनमें से कौन-सा विकल्प सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद है? पोषण के लिहाज से हर विकल्प की अपनी खासियत है। सही चुनाव आपकी जरूरत, मात्रा और भोजन बनाने के तरीके पर निर्भर करता है।
1. कुट्टू का आटा: प्रोटीन और फाइबर का स्रोत कुट्टू में प्रोटीन, फाइबर और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकता है। लंबे समय तक व्रत रखने वालों के लिए कुट्टू का चीला या तवे पर बनी रोटी अच्छा विकल्प हो सकती है। हालांकि, इससे बनी पूड़ी को अधिक तेल में तलने से कैलोरी बढ़ जाती है।
2. सिंघाड़े का आटा: ऊर्जा देने में सहायक सिंघाड़े के आटे में मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देते हैं। इसका इस्तेमाल रोटी, हलवा और अन्य व्रत के व्यंजन बनाने में किया जाता है। यह स्वाभाविक रूप से ग्लूटेन-मुक्त होता है। हालांकि, इसे पचाने में आसानी व्यक्ति की पाचन क्षमता और भोजन की मात्रा पर निर्भर करती है।
3. राजगिरा का आटा: कैल्शियम और प्रोटीन राजगिरा यानी अमरनाथ में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और अन्य खनिज पाए जाते हैं। यह व्रत के भोजन में पोषक तत्वों की विविधता बढ़ाने का अच्छा विकल्प है। इससे रोटी, चीला और लड्डू बनाए जा सकते हैं।
4. समा के चावल: हल्का और उपयोगी विकल्प समा के चावल को व्रत में खिचड़ी, पुलाव और अन्य व्यंजन बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देते हैं। सब्जियों और दही के साथ इसका सेवन भोजन को अधिक संतुलित बना सकता है।
कौन-सा आटा चुनना बेहतर है? अगर अधिक प्रोटीन और फाइबर चाहिए, तो कुट्टू उपयोगी विकल्प है। कैल्शियम और अन्य खनिजों के लिए राजगिरा को शामिल किया जा सकता है। सिंघाड़ा और समा भी व्रत के भोजन में विविधता लाते हैं। किसी एक को हर व्यक्ति के लिए सबसे हेल्दी नहीं कहा जा सकता। ध्यान रखें: व्रत में पर्याप्त पानी पिएं, फल और दही जैसे खाद्य पदार्थ शामिल करें तथा तली हुई चीजों का सेवन सीमित रखें। डायबिटीज या किसी अन्य बीमारी से पीड़ित लोग मात्रा और भोजन के चुनाव के लिए डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लें।
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