सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कॉफी में प्रोटीन मिलाना कितना सही? जानें ‘प्रॉफी’ के फायदे

सोशल मीडिया पर इन दिनों कॉफी में प्रोटीन मिलाकर पीने का चलन बढ़ रहा है। इसे ‘प्रॉफी’ (Proffee) कहा जा रहा है। इसमें सामान्य कॉफी या एस्प्रेसो में प्रोटीन पाउडर, प्रोटीन शेक या किसी अन्य प्रोटीन स्रोत को मिलाया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह उन लोगों के लिए सुविधाजनक विकल्प हो सकता है जिन्हें अपने दैनिक आहार में पर्याप्त प्रोटीन शामिल करने में कठिनाई होती है। हालांकि, इसे संतुलित भोजन का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

प्रोटीन शरीर में मांसपेशियों और ऊतकों के रखरखाव के लिए जरूरी पोषक तत्व है। कॉफी में प्रोटीन जोड़ने से सुबह के समय प्रोटीन का सेवन बढ़ सकता है और कुछ लोगों को लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है। खासकर व्यस्त लोगों के लिए यह एक आसान विकल्प हो सकता है।

हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि ‘प्रॉफी’ को वजन घटाने वाला कोई विशेष पेय नहीं समझना चाहिए। इसका फायदा मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करता है कि इसमें किस तरह की प्रोटीन सामग्री और अन्य चीजें डाली जा रही हैं। अधिक चीनी, मीठे सिरप या कैलोरी वाले क्रीमर मिलाने से पेय की पौष्टिकता प्रभावित हो सकती है। कॉफी में प्रोटीन पाउडर मिलाने से स्वाद और बनावट भी बदल सकती है। ठंडी कॉफी में प्रोटीन पाउडर अपेक्षाकृत आसानी से मिल सकता है, जबकि गर्म कॉफी में यह गांठ बना सकता है। रेडी-टू-ड्रिंक प्रोटीन शेक को कॉफी के साथ मिलाना भी एक विकल्प है।

साथ ही, कैफीन की मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। जरूरत से ज्यादा कैफीन बेचैनी, नींद में परेशानी और अन्य समस्याएं पैदा कर सकता है। जिन लोगों को पहले से पर्याप्त प्रोटीन मिल रहा है, उनके लिए अतिरिक्त प्रोटीन पाउडर जरूरी नहीं हो सकता। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रॉफी को संतुलित आहार के एक हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि पूरे नाश्ते या भोजन के विकल्प के रूप में।


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