सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : युवाओं को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने, स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भेल, भोपाल में दो दिवसीय स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस मेले का उद्घाटन मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य एवं राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त माननीय बारेलाल जी अहिरवार ने किया। स्वरोजगार, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का संदेश लेकर सजे मेले में युवाओं को अवसरों की नई राह दिखाई दी। विभिन्न शासकीय विभागों की योजनाओं, कौशल प्रशिक्षण, उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों से जुड़ी जानकारी ने मेले को विशेष आकर्षण प्रदान किया। कार्यक्रम के शुभारंभ पर महाविद्यालय के प्राचार्य संजय जैन ने मुख्य अतिथि बारेलाल जी अहिरवार का तुलसी का पौधा भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। वहीं, कार्यक्रम संयोजक कमलेश सिंह नेगी एवं सह संयोजक कैलाश कुमार ठाकरे ने मंचासीन अन्य अतिथियों का नवपल्लवित पौधे भेंट कर अभिनंदन किया। स्वागत की यह अनूठी पहल केवल सम्मान तक सीमित नहीं रही, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, हरित चेतना और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का प्रेरक संदेश भी दे गई।

स्वदेशी मेले से युवाओं को मिली आत्मनिर्भरता की प्रेरणा

प्राचार्य जैन ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि मेले का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को कौशल विकास, उद्यमिता, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसरों से जोड़ना है। साथ ही, केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी और रोजगारोन्मुखी योजनाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराना भी इस आयोजन का महत्वपूर्ण लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी रुचि, योग्यता और कौशल के अनुरूप रोजगार एवं व्यवसाय के विकल्प तलाशने में सहायता करते हैं। शासकीय योजनाओं, व्यावसायिक प्रशिक्षण और स्वरोजगार की संभावनाओं की जानकारी मिलने से विद्यार्थी नौकरी तलाशने के साथ-साथ स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिए भी प्रेरित होते हैं। मुख्य अतिथि बारेलाल जी अहिरवार ने मेले के आयोजन की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए एक उपयोगी और प्रेरणादायी पहल बताया। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार एवं स्वदेशी जैसे विषय आज के समय में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इस प्रकार के आयोजन युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से परिचित कराने के साथ-साथ स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं। स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देकर और उद्यमिता को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को मजबूती प्रदान की जा सकती है। एक ही छत के नीचे योजनाओं और अवसरों की जानकारी मेले में विभिन्न शासकीय विभागों एवं संस्थानों ने जानकारीपरक स्टॉल लगाकर विद्यार्थियों, युवाओं और अभिभावकों को योजनाओं तथा सुविधाओं से परिचित कराया। इनमें प्रमुख रूप से कृषि एवं उद्यानिकी विभाग, पशुपालन एवं मत्स्यपालन विभाग, जिला उद्योग केंद्र, लघु उद्योग, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सामाजिक न्याय, जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित विभाग, उच्च शिक्षा, रोजगार तथा स्वास्थ्य विभाग शामिल रहे।

स्वदेशी मेले से युवाओं को मिली आत्मनिर्भरता की प्रेरणा

इन स्टॉलों के माध्यम से आगंतुकों को कौशल प्रशिक्षण, व्यवसाय शुरू करने की संभावनाओं, शासकीय सहायता, रोजगार के विकल्पों और विभिन्न विभागीय योजनाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इस तरह मेला युवाओं के लिए केवल जानकारी का मंच ही नहीं, बल्कि भविष्य की संभावनाओं को समझने और नए अवसर तलाशने का माध्यम भी बना। स्वदेशी उत्पादों और स्वादिष्ट व्यंजनों ने खींचा ध्यानमेले में शासकीय योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ घरेलू उपयोग की वस्तुओं, आकर्षक साज-सज्जा सामग्री, स्वदेशी उत्पादों और विभिन्न खाद्य पदार्थों के स्टॉल भी सजाए गए। इन स्टॉलों ने मेले की रौनक बढ़ाई और आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया। स्वदेशी वस्तुओं की विविधता ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने तथा उनके प्रति लोगों की रुचि विकसित करने का संदेश दिया।

स्वदेशी मेले से युवाओं को मिली आत्मनिर्भरता की प्रेरणा

दो दिवसीय स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेले का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं में उद्यमशीलता की भावना विकसित करना, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना तथा शासन की रोजगारोन्मुखी एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जनसामान्य तक पहुँचाना है। यह आयोजन युवाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने, नए कौशल सीखने और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। मेले का उत्साह और अवसरों की यह श्रृंखला जारी रहेगी। विद्यार्थियों, युवाओं, अभिभावकों और स्वरोजगार में रुचि रखने वाले नागरिकों के लिए यह मेला शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने, स्वदेशी उत्पादों को जानने और आत्मनिर्भर भविष्य की संभावनाएँ तलाशने का एक उपयोगी अवसर है। कार्यक्रम का संचालन समाजशास्त्र की सहायक प्राध्यापकगीता चौहान ने किया एवं आभार कार्यक्रम संयोजक कमलेश सिंह नेगी सहायक प्राध्यापक हिंदी ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय का सभी शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी और उनके अभिभावक उपस्थित रहे।


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