सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी (एसजीएसयू), भोपाल में गरबा महोत्सव–2026 का भव्य आयोजन किया गया। भारतीय संस्कृति, परंपरा, एकता और आपसी सद्भाव को समर्पित इस उत्सव में लगभग 750 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा, गरबा नृत्य, संगीत और उल्लासपूर्ण वातावरण ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों, सभी स्कूलों के प्रमुखों, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों तथा हेड ऑफिस के सदस्यों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आईसेक्ट इंडिया एवं रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (आरएनटीयू) के अध्यक्ष डॉ. संतोष चौबे उपस्थित रहे। इस अवसर पर एसजीएसयू के कुलाधिपति डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, आरएनटीयू की उप-कुलपति डॉ. अदिति चतुर्वेदी, आरएनटीयू की कुलसचिव डॉ. संगीता जोहरी तथा हेड ऑफिस के एचआर प्रमुख श्री अनुज रावत की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर आईसेक्ट इंडिया एवं रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (आरएनटीयू) के अध्यक्ष डॉ. संतोष चौबे ने कहा, “भारतीय संस्कृति और परंपराएं हमारी सामाजिक पहचान का महत्वपूर्ण आधार हैं। गरबा जैसे सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ उनमें सामूहिकता, अनुशासन, रचनात्मकता और आपसी सहयोग की भावना विकसित करते हैं। विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों की इतनी बड़ी सहभागिता भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति उनके जुड़ाव को दर्शाती है।”
एसजीएसयू के कुलाधिपति डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा, “विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास केवल कक्षा और पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है। सांस्कृतिक गतिविधियां उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, आत्मविश्वास बढ़ाने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और दूसरों के साथ मिलकर काम करने का अवसर देती हैं। गरबा महोत्सव जैसे आयोजन विश्वविद्यालय में सकारात्मक, समावेशी और जीवंत वातावरण का निर्माण करते हैं।”
आरएनटीयू की उप-कुलपति डॉ. अदिति चतुर्वेदी ने कहा, “भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़ना समय की आवश्यकता है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी विरासत को समझने और उसका सम्मान करने के साथ-साथ विविध संस्कृतियों के प्रति संवेदनशील बनने का अवसर प्रदान करते हैं। गरबा महोत्सव में प्रतिभागियों का उत्साह और सामूहिक सहभागिता सराहनीय है।”
आरएनटीयू की कुलसचिव डॉ. संगीता जोहरी ने कहा, “सांस्कृतिक कार्यक्रम संस्थान में आपसी संवाद, सहयोग और सकारात्मक संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों की एक मंच पर सहभागिता से संगठनात्मक एकता और अपनत्व की भावना को बढ़ावा मिलता है।”
कार्यक्रम में अनुज रावत, एचआर प्रमुख, हेड ऑफिस ने कहा, “इस प्रकार के आयोजन विश्वविद्यालय और हेड ऑफिस के सदस्यों को एक साथ जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। सामूहिक सहभागिता से टीम भावना, बेहतर समन्वय और सकारात्मक कार्य-संस्कृति को प्रोत्साहन मिलता है।”
गरबा प्रस्तुतियों ने बांधा समां महोत्सव के दौरान प्रतिभागियों ने पारंपरिक गरबा नृत्य के माध्यम से भारतीय लोक-संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की। विभिन्न स्कूलों और विभागों के विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों, कर्मचारियों तथा हेड ऑफिस के सदस्यों ने भी पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम में गरबा की लयबद्ध प्रस्तुतियों, पारंपरिक परिधानों और उत्सवपूर्ण माहौल ने सभी को आकर्षित किया।
कार्यक्रम की तैयारियों और प्रतिभागियों को गरबा सिखाने में मेघा थापा, तारिशी राठौर तथा याशी सक्सेना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने प्रतिभागियों को गरबा के विभिन्न चरणों का अभ्यास कराया और पूरे आयोजन के दौरान उनका मार्गदर्शन किया। आयोजन एवं अनुशासन समितियों ने भी कार्यक्रम की व्यवस्थाओं, समन्वय और सुचारु संचालन में योगदान दिया।
कार्यक्रम का आयोजन एसजीएसयू के कुलपति डॉ. विजय सिंह, कुलसचिव डॉ. सीतेश कुमार सिन्हा, अधिष्ठाता, छात्र कल्याण (डीएसडब्ल्यू) डॉ. विनोद कुमार शर्मा तथा मनमोहन सोनी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से संपन्न हुआ। गरबा महोत्सव ने यह संदेश दिया कि शिक्षा के साथ सांस्कृतिक सहभागिता भी विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और संस्थागत एकता के लिए महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम का समापन उत्साह, उल्लास और आपसी सद्भाव के वातावरण में हुआ। विश्वविद्यालय परिवार ने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी अतिथियों, समन्वयकों, समितियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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