सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : रेस्क्यू किए गए कुत्ते को नए घर और परिवार के माहौल में ढलने में समय लग सकता है। पहले से तनाव या खराब अनुभव झेल चुके कुत्ते शुरुआत में डरे हुए, शांत या लोगों से दूरी बनाने वाले हो सकते हैं। ऐसे में परिवार का धैर्य और सुरक्षित माहौल उसके लिए सबसे जरूरी होता है। घर में पहुंचने के बाद कुत्ते के लिए एक शांत और सुरक्षित जगह तय करें, जहां उसका बिस्तर, पानी और भोजन रखा हो। शुरुआत में उसे पूरे घर में घूमने के लिए मजबूर न करें। वह अपनी गति से नए वातावरण को समझे, इसके लिए उसे पर्याप्त समय दें।
कुत्ते के साथ धीरे-धीरे भरोसे का रिश्ता बनाएं। अचानक गले लगाने, तेज आवाज करने या जबरदस्ती छूने से बचें। शांत आवाज में बात करें और वह खुद आपके पास आए तो उसे प्यार या छोटे ट्रीट से प्रोत्साहित करें। नियमित समय पर भोजन, सैर और आराम की दिनचर्या बनाने से भी उसे सुरक्षा का एहसास होता है। अगर कुत्ता डर के कारण छिपता है, गुर्राता है या लोगों से बचता है तो उसे सजा न दें। बच्चों को भी समझाएं कि कुत्ते को आराम करते या खाते समय परेशान न करें। धीरे-धीरे नए लोगों, अन्य पालतू जानवरों और बाहरी वातावरण से परिचित कराएं। लगातार डर, आक्रामक व्यवहार, खाना छोड़ना या असामान्य स्वास्थ्य लक्षण दिखाई देने पर पशु चिकित्सक या योग्य व्यवहार विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है। सही देखभाल और धैर्य से रेस्क्यू कुत्ता धीरे-धीरे परिवार का भरोसेमंद साथी बन सकता है।
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