दिल्ली-NCR समेत प्रमुख शहरों में बढ़ेगी प्रॉपर्टी की मांग, 4.5 अरब डॉलर का निवेश
नई दिल्ली। देश के रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश और प्रॉपर्टी की मांग लगातार मजबूत हो रही है। वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में भारतीय रियल एस्टेट बाजार में निजी इक्विटी निवेश करीब 4.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है। इस निवेश से आने वाले समय में प्रमुख शहरों में आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की मांग बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
दिल्ली-NCR समेत बड़े शहरों पर निवेशकों की नजर रियल एस्टेट बाजार में मुंबई महानगर क्षेत्र, दिल्ली-NCR, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहर निवेशकों और खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं। इन शहरों में रोजगार के अवसर, बेहतर कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे का विस्तार और कारोबारी गतिविधियां प्रॉपर्टी की मांग को बढ़ावा दे रही हैं। इसके अलावा चेन्नई और पुणे जैसे शहरों में भी व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार से रियल एस्टेट बाजार को समर्थन मिल रहा है।
ऑफिस स्पेस की मांग में भी तेजी साल 2026 के पहले नौ महीनों में देश के छह प्रमुख शहरों में ऑफिस स्पेस की मांग 60.7 मिलियन वर्गफुट दर्ज की गई, जो पिछले साल की समान अवधि से 6 प्रतिशत अधिक है। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC), तकनीकी कंपनियों और वित्तीय सेवाओं से जुड़ी कंपनियों की विस्तार योजनाओं ने इस मांग को मजबूती दी है।
औद्योगिक और वैकल्पिक संपत्तियों में बढ़ती दिलचस्पी निवेशक अब केवल आवासीय और ऑफिस प्रॉपर्टी तक सीमित नहीं हैं। औद्योगिक एवं वेयरहाउसिंग सुविधाओं, होटल, लॉजिस्टिक्स और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में भी निवेश बढ़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, बुनियादी ढांचे के विकास और कारोबार के विस्तार से आने वाले समय में रियल एस्टेट सेक्टर को नई गति मिल सकती है। हालांकि, निर्माण लागत और घरों की बढ़ती कीमतें खरीदारों के लिए चुनौती बनी हुई हैं।
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