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दिल्ली-NCR समेत बड़े शहरों में बढ़ेगी प्रॉपर्टी की मांग, 4.5 अरब डॉलर का निवेश

नई दिल्ली। भारत के रियल एस्टेट बाजार में 2026 के दौरान निवेश और व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिल रही है। जनवरी से सितंबर 2026 के बीच देश के रियल एस्टेट क्षेत्र में निजी इक्विटी निवेश 4.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 16 प्रतिशत अधिक है। इस निवेश से दिल्ली-NCR समेत देश के प्रमुख शहरों में प्रॉपर्टी बाजार को मजबूती मिलने और आने वाले समय में मांग बढ़ने की उम्मीद है।

ऑफिस स्पेस की मांग में बढ़ोतरी रियल एस्टेट बाजार में व्यावसायिक कार्यालयों की मांग भी मजबूत बनी हुई है। जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान देश के छह प्रमुख शहरों में ऑफिस स्पेस की लीजिंग 60.7 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच गई, जो सालाना आधार पर 6 प्रतिशत अधिक है। वैश्विक क्षमता केंद्रों (GCC), टेक्नोलॉजी कंपनियों और वित्तीय सेवा क्षेत्र की कंपनियों की विस्तार योजनाओं से इस मांग को समर्थन मिल रहा है।

बेंगलुरु, हैदराबाद और दिल्ली-NCR आकर्षण के केंद्र कार्यालयों की मांग के लिहाज से बेंगलुरु, हैदराबाद और दिल्ली-NCR प्रमुख बाजार बने हुए हैं। इन शहरों में बेहतर कारोबारी माहौल, बुनियादी ढांचे का विकास और रोजगार के अवसर रियल एस्टेट गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं। मुंबई और पुणे में भी व्यावसायिक संपत्तियों की मांग में मजबूती दर्ज की गई है।

आवासीय बाजार में भी उम्मीदें आवासीय क्षेत्र में मुंबई महानगर क्षेत्र, बेंगलुरु, हैदराबाद और दिल्ली-NCR में प्रीमियम तथा लग्जरी घरों की मांग मजबूत बनी हुई है। त्योहारी सीजन के दौरान नए प्रोजेक्ट लॉन्च और आकर्षक भुगतान योजनाओं से घरों की बिक्री को अतिरिक्त समर्थन मिलने की संभावना है। हालांकि, निर्माण लागत और घरों की बढ़ती कीमतें किफायती आवास के सामने चुनौती बनी हुई हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, संस्थागत निवेश, कार्यालयों की बढ़ती मांग और आवासीय बाजार की गतिविधियां भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र के विकास को गति दे सकती हैं।


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