बच्चों की पढ़ाई नहीं रुकेगी, बॉम्बे हाईकोर्ट ने 14 स्कूलों को मार्च 2027 तक दी राहत
मुंबई। मुंबई के मलाड पश्चिम स्थित मालवणी इलाके के 14 गैरमान्यता प्राप्त स्कूलों को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। अदालत ने इन स्कूलों को मौजूदा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अंत यानी 31 मार्च 2027 तक पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी है। कोर्ट ने कहा कि वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के एक हजार से अधिक बच्चों को अचानक स्कूलों से हटाना उचित नहीं होगा। बच्चों की शिक्षा बीच सत्र में बाधित नहीं होनी चाहिए।
बच्चों के भविष्य को लेकर जताई चिंता मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि पहली से चौथी कक्षा में पढ़ने वाले छोटे बच्चों को अचानक एक स्कूल से दूसरे स्कूल में भेजना उनके हित में नहीं है। अदालत ने टिप्पणी की कि बच्चों और शिक्षकों को रातोंरात नहीं हटाया जा सकता। बदलाव की प्रक्रिया धीरे-धीरे होनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
2019 से जारी हो रहे थे नोटिस सुनवाई में BMC ने बताया कि इन स्कूलों को वर्ष 2019 से नोटिस जारी किए जा रहे थे। अदालत ने सवाल उठाया कि इतने वर्षों तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इनमें से कई स्कूल वर्ष 2009 से संचालित हो रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि प्रशासन की देरी का खामियाजा बच्चों को नहीं भुगतना चाहिए।
मान्यता के लिए आवेदन करना होगा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि स्कूलों को शैक्षणिक सत्र पूरा करने की अनुमति मिलने का अर्थ यह नहीं है कि उन्हें बिना सरकारी मान्यता के स्थायी रूप से संचालन की छूट मिल गई है। सभी स्कूलों को निर्धारित शैक्षणिक और बुनियादी मानकों को पूरा करते हुए BMC से आवश्यक अनुमति और मान्यता के लिए आवेदन करना होगा। शिक्षकों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता भी सुनिश्चित करनी होगी।
अदालत ने कहा कि यदि स्कूलों को नियमों के अनुसार मान्यता नहीं मिलती है, तो उन्हें जून 2027 से संचालन जारी रखने की अनुमति नहीं होगी। मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी 2027 को होगी।
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