राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीटीआर), भोपाल और नेपाल इंजीनियरिंग काउंसिल (एनईसी) ने आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत दोनों संस्थान इंजीनियरिंग संकाय में क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण, पाठ्यक्रम विकास, शिक्षण नवाचार, गुणवत्ता आश्वासन और अक्रीडिटेशन प्रक्रियाओं में सहयोग करेंगे। इसके अतिरिक्त, सहयोगात्मक शैक्षणिक और अनुसंधान गतिविधियों के माध्यम से नेपाल के इंजीनियरिंग कोर्सेज के सुचारू संचालन और मानक निर्धारण में भी योगदान दिया जाएगा। इस अवसर पर एनआईटीटीआर भोपाल के निदेशक प्रो. सी. सी. त्रिपाठी और नेपाल इंजीनियरिंग काउंसिल के अध्यक्ष प्रो. पद्म बहादुर शाही ने औपचारिक रूप से एमओयू पर हस्ताक्षर किए। भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव मृत्युंजय बेहेरा ने कहा कि यह ऐतिहासिक अवसर है जब दोनों देशों के संस्थान मिलकर नेपाल के छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता और वैश्विक मान्यता बढ़ाने में योगदान देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि नेपाल को वाशिंगटन अकॉर्ड से मान्यता मिलने के बाद वैश्विक स्तर पर और पहचान मिलेगी, जिसमें भारत पूरी मदद करेगा। पद्म बहादुर शाही ने कहा कि निटर के सहयोग से नेपाल इंजीनियरिंग काउंसिल को मूल्यवान समर्थन मिलेगा और भारत का आउटकम बेस्ड शिक्षा मॉडल नेपाल के लिए प्रेरणास्रोत है। निटर भोपाल के निदेशक प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि यह एमओयू नेपाल के इंजीनियरिंग छात्रों को वैश्विक स्तर पर सक्षम बनाने और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय इंजीनियरिंग शिक्षा और अनुसंधान में गुणवत्ता और नवाचार बढ़ाने में सहायक होगा। इस अवसर पर डीन अकादमिक अग्रवाल ने बताया कि निटर भोपाल नेपाल के इंजीनियरिंग शिक्षकों को आउटकम बेस्ड शिक्षा में प्रशिक्षित कर मास्टर ट्रेनर्स तैयार करेगा, जो आगे अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। इस कार्यक्रम में डीन , के. पुरोहित, मनीष भार्गव, देशपांडे, मैजर निशांत ओझा और नेपाल इंजीनियरिंग काउंसिल के कुलसचिव इंजी. ध्रुबा राज भट्टराई भी उपस्थित थे।
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