सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीटीआर), भोपाल में संस्थान के 62 वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। तीन दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन मुख्य अतिथि, इंदर सिंह परमार, मंत्री (उच्च शिक्षा, आयुष और तकनीकी शिक्षा), मध्यप्रदेश सरकार, ने निटर भोपाल द्वारा तैयार किए गए 11 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स का औपचारिक शुभारंभ किया। परमार ने कहा कि निटर भोपाल ने लगातार प्रयासों और समर्पित कार्य के माध्यम से भारत में एक विशिष्ट स्थान बनाया है। मध्यप्रदेश में कई राष्ट्रीय संस्थान मौजूद हैं और उच्च शिक्षा विभाग उन्हें निटर भोपाल के मॉडल के अनुरूप सहयोग करने के लिए तैयार है। विभाग शिक्षक प्रशिक्षण को सशक्त बनाने और राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए उपलब्ध संसाधनों का पूर्ण उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षक ही एनईपी के वाहक हैं। इस अवसर पर निटर भोपाल का ट्रेनिंग कैलेंडर भी विमोचित किया गया, जिसमें मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग हेतु सर्वाधिक प्रशिक्षण सम्मिलित है।

अनुपम राजन, आईएएस, एसीएस, उच्च शिक्षा विभाग ने निटर भोपाल के प्रशिक्षण कार्यक्रमों और प्रयोगशाला सुविधाओं की सराहना की तथा उच्च शिक्षा विभाग की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि निटर के साथ सहयोग करके विभाग शिक्षक प्रशिक्षण को मुख्य विषयों और प्रयोगशाला कौशल दोनों में सशक्त बनाया जाएगा। प्रो. गोबर्धन दास, निदेशक, आइसर भोपाल, ने भारत की ऐतिहासिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत केवल एक विकासशील राष्ट्र नहीं है, बल्कि पुनर्विकासशील राष्ट्र है। कभी ‘विश्व गुरु’ रहे भारत की युवा पीढ़ी, वरिष्ठ पीढ़ी के मार्गदर्शन और सहयोग से, इसे फिर से वैश्विक मान्यता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रो. खेमसिंह डेहरिया, अध्यक्ष, प्राइवेट यूनिवर्सिटीज रेगुलेटरी कमीशन, ने निटर भोपाल द्वारा लॉन्च किए गए MOOCs की सराहना की और कहा कि ये पाठ्यक्रम देश भर के अनेक विश्वविद्यालयों को लाभान्वित करेंगे। ऐसे प्रयासों और उद्योग सहयोग के माध्यम से निटर भोपाल अन्य संस्थानों के लिए विकसित भारत मिशन में योगदान देने का एक आदर्श स्थापित कर रहा है।

प्रो. चंद्र चारु त्रिपाठी ने कहा कि संस्थानों को छात्रों को MOOCs में भाग लेकर अपने कौशल बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। संस्थान प्रमुख का यह दायित्व है कि वे छात्रों को विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञ शिक्षकों से लाभ प्राप्त करने का अवसर दें। संस्थान आगामी वर्ष से भारतीय ज्ञान परंपरा में BS-MS प्रोग्राम भी प्रारंभ करने जा रहा है। आज लगभग 85% नौकरियां कौशल पर आधारित हैं, इसलिए निटर भोपाल अनुभवात्मक शिक्षा और व्यावहारिक कौशल विकास पर केंद्रित है।
प्रो. संजय अग्रवाल ने निटर भोपाल के विकास यात्रा और भविष्य की योजनाओं का वर्णन किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. आर.के. दीक्षित द्वारा प्रस्तुत किया गया तथा कार्यक्रम का संचालन अनीता लाला ने किया। संस्थान की 62 वर्षीय यात्रा और उपलब्धियों को दर्शाती एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। इस अवसर पर भोपाल के विभिन्न संस्थानों के कुलपति और निदेशक उपस्थित रहे, साथ ही संस्थान के वर्तमान और सेवानिवृत्त शिक्षक, कर्मचारी और छात्र भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन स्वामी विवेकानंद पर निबंध प्रतियोगिता, संकाय और अधिकारियों द्वारा वृक्षारोपण अभियान और कर्मचारियों व छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ।
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