सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत में पहली बार डेंगू टीकाकरण अभियान शुरू, दो खुराकों से 80 प्रतिशत सुरक्षा का दावा

तेनकासी। भारत में डेंगू से बचाव के लिए पहली बार टीकाकरण अभियान की शुरुआत तमिलनाडु के तेनकासी जिले के कडैयनल्लूर में प्रायोगिक तौर पर की गई है। 19 अक्टूबर 2026 को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, यह क्षेत्र डेंगू के अधिक मामले दर्ज होने वाले इलाकों में शामिल है। जापानी दवा कंपनी ताकेदा की विकसित की गई क्यूडेंगा वैक्सीन के प्रभाव का आकलन करने के बाद ही इसके विस्तार पर फैसला लिया जाएगा।

तीन महीने के अंतराल पर लगेंगी दो खुराकें तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुणराज के अनुसार, वैक्सीन की दो खुराकें तीन महीने के अंतराल पर दी जाएंगी। उन्होंने दावा किया कि दोनों खुराकें लेने के बाद डेंगू से बचाव में लगभग 80 प्रतिशत प्रभावशीलता मिल सकती है। इस अभियान के प्रभाव और सुरक्षा का अध्ययन करने के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के दो वैज्ञानिकों को भी शामिल किया जाएगा। चार से 60 वर्ष की उम्र के लोगों के लिए मंजूरी क्यूडेंगा भारत में स्वीकृति पाने वाली पहली डेंगू वैक्सीन है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने जुलाई 2026 में इसे चार से 60 वर्ष की उम्र के लोगों में डेंगू की रोकथाम के लिए मंजूरी दी थी। यह वैक्सीन डेंगू वायरस के चारों प्रकारों के खिलाफ सुरक्षा देने के उद्देश्य से विकसित की गई है।

वैश्विक नैदानिक परीक्षणों में दूसरी खुराक के 12 महीने बाद डेंगू के पुष्ट मामलों के खिलाफ इसकी प्रभावशीलता 80.2 प्रतिशत दर्ज की गई थी। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि टीका लगवाने के बाद संक्रमण की आशंका पूरी तरह समाप्त हो जाती है। आगे के विस्तार का फैसला अध्ययन के बाद स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कडैयनल्लूर में प्राप्त नतीजों के आधार पर तमिलनाडु के अन्य जिलों और आगे देश के दूसरे हिस्सों में टीकाकरण के विस्तार पर विचार किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, टीकाकरण के साथ मच्छरों की रोकथाम, घरों के आसपास पानी जमा न होने देना और लक्षण दिखने पर समय पर चिकित्सा सहायता लेना भी जरूरी है।


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