सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सिरदर्द और चक्कर आना आम समस्या लग सकती है, लेकिन जब दोनों लक्षण एक साथ दिखाई दें, तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार इसके पीछे पानी की कमी, कम रक्तचाप, माइग्रेन या कान के अंदरूनी हिस्से से जुड़ी समस्या हो सकती है। हालांकि, कुछ परिस्थितियों में ये लक्षण गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकते हैं। सही कारण जानने के लिए लक्षणों की अवधि, उनकी तीव्रता और साथ दिखाई देने वाले अन्य संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है। सिरदर्द के साथ चक्कर आने के प्रमुख कारण
1. माइग्रेन: माइग्रेन में सिर के एक हिस्से में तेज या धड़कन जैसा दर्द हो सकता है। इसके साथ मतली, उल्टी, रोशनी और तेज आवाज से परेशानी तथा कुछ लोगों में चक्कर भी आ सकते हैं। कुछ मामलों में सिरदर्द के बिना भी चक्कर महसूस हो सकते हैं।
2. रक्तचाप में गिरावट: बैठने या लेटने के बाद अचानक खड़े होने पर रक्तचाप कम हो सकता है। इससे सिर हल्का लगना, आंखों के सामने अंधेरा छाना और संतुलन बिगड़ने जैसी परेशानी हो सकती है।
3. शरीर में पानी की कमी: पर्याप्त पानी नहीं पीने, गर्मी में अधिक पसीना आने या उल्टी-दस्त के कारण शरीर में तरल पदार्थों की कमी हो सकती है। इससे सिरदर्द, कमजोरी और चक्कर महसूस हो सकते हैं।
4. खून की कमी: शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने पर थकान, कमजोरी, सांस फूलना और चक्कर आने की समस्या हो सकती है। इसके साथ सिरदर्द भी हो सकता है।
5. कान के अंदरूनी हिस्से की समस्या: शरीर का संतुलन बनाए रखने में अंदरूनी कान की अहम भूमिका होती है। इसमें गड़बड़ी होने पर ऐसा लग सकता है कि आसपास की चीजें घूम रही हैं। कुछ मामलों में कान में आवाज आने या सुनने में परेशानी जैसे लक्षण भी हो सकते हैं।
6. कम रक्त शर्करा: विशेष रूप से मधुमेह की दवा या इंसुलिन लेने वाले लोगों में रक्त शर्करा कम होने पर पसीना आना, कंपकंपी, कमजोरी और चक्कर जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
कब तुरंत सतर्क होना जरूरी है? यदि सिरदर्द अचानक शुरू हो और बहुत तेज हो, या इसके साथ चक्कर आने पर चलने में परेशानी, शरीर के एक तरफ कमजोरी या सुन्नपन, बोलने में कठिनाई, भ्रम, बेहोशी अथवा दोहरा दिखाई देने जैसे लक्षण हों, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। तेज सिरदर्द के साथ बुखार और गर्दन अकड़ने की स्थिति भी गंभीर हो सकती है। ऐसे लक्षणों में घर पर इलाज करने या अपने आप ठीक होने का इंतजार नहीं करना चाहिए।
बचाव के लिए क्या करें? चक्कर आने पर तुरंत बैठ जाएं या लेट जाएं और लक्षण कम होने तक आराम करें। पर्याप्त पानी पिएं, अचानक खड़े होने से बचें और चक्कर की स्थिति में वाहन न चलाएं। यदि सिरदर्द और चक्कर बार-बार आते हैं, लंबे समय तक बने रहते हैं या बिना स्पष्ट कारण के शुरू होते हैं, तो डॉक्टर से जांच कराएं। याद रखें, केवल सिरदर्द और चक्कर के आधार पर किसी बीमारी का निदान नहीं किया जा सकता। डॉक्टर जरूरत के अनुसार रक्तचाप, रक्त शर्करा, हीमोग्लोबिन और अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं। सही कारण की पहचान ही उचित उपचार का आधार है।
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