इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय ने स्वदेशी उद्यमियों की पहचान एवं प्रोत्साहन के उद्देश्य से स्वदेशी कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा नवाचार स्पर्धाएँ और स्वदेशी उद्यमियों एवं नवप्रवर्तकों का महोत्सव 2026 आयोजित किया। यह बहु-स्तरीय नवाचार पहल कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अभिकल्पना, त्वरित प्रारूप निर्माण तथा नवउद्यम हेतु तैयार समाधानों पर केंद्रित थी। विश्वविद्यालय के बाबा साहेब आंबेडकर सम्मेलन केंद्र में आयोजित हुआ।
इस आयोजन का संयोजन दूरस्थ शिक्षा में नवाचार के लिए राष्ट्रीय केंद्र द्वारा, संगणक एवं सूचना विज्ञान अध्ययन विद्यालय के सहयोग से किया गया, ताकि विद्यार्थियों, पूर्व विद्यार्थियों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रति रुचि रखने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया जा सके। यह एक विशिष्ट पहल के रूप में परिकल्पित किया गया था, जिसका उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना तथा स्पर्धाओं के अंतर्गत ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों के उपयोग से अभिकल्प चिंतन और विचार विकास’ तथा ‘त्वरित प्रारूप निर्माण – कृत्रिम बुद्धिमत्ता उत्साही दिवस’ जैसी गतिविधियों को प्रमुखता देना था।
इस मंच ने शिक्षार्थियों को अपनी नवाचारी अवधारणाओं को क्रियाशील प्रारूपों तथा व्यवहार्य नवउद्यम अवधारणाओं में रूपांतरित करने के लिए प्रेरित किया। पहल का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय के शिक्षार्थियों के अभिनव कार्यों को प्रदर्शित करना, प्रतिभागियों के मध्य सार्थक संवाद और संपर्क को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में जनवरी और फरवरी में आयोजित पूर्व स्पर्धाओं के दौरान विकसित कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित विचारों और प्रारूपों का प्रदर्शन किया गया।
संसाधन विशेषज्ञ के रूप में वरिष्ठ सूचना प्रौद्योगिकी एवं साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ श्री महिपाल वाल्दिया ने प्रतिभागियों को प्रौद्योगिकी अपनाने, साइबर सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने, आँकड़ा संरक्षण सुदृढ़ करने तथा व्यावहारिक क्रियान्वयन की चुनौतियों से निपटने संबंधी उपयोगी मार्गदर्शन दिया। विश्वविद्यालय के आधिकारिक संसाधन व्यक्तियों—प्रोफेसर संदीप सिंह रावत (निदेशक, संगणक एवं सूचना विज्ञान अध्ययन विद्यालय), डॉ. ज्योत्सना दीक्षित (निदेशक, दूरस्थ शिक्षा में नवाचार के लिए राष्ट्रीय केंद्र), डॉ. सुधांशु शर्मा (सह-प्राध्यापक, संगणक एवं सूचना विज्ञान अध्ययन विद्यालय) तथा डॉ. सुजाता संतोष (सहायक निदेशक, दूरस्थ शिक्षा में नवाचार के लिए राष्ट्रीय केंद्र)—ने विद्यार्थियों को सुरक्षित, उत्तरदायी एवं विस्तार योग्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता समाधानों पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
प्रदर्शित परियोजनाओं का मूल्यांकन संकाय सदस्यों, शोधार्थियों और अन्य शिक्षार्थियों द्वारा किया गया। प्रदर्शन दिवस ने उद्योगोन्मुख अपेक्षाओं के अनुरूप सहयोग, सह-अधिगम और प्रस्तुतीकरण का अवसर प्रदान किया, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित नवाचारों और नवउद्यम परियोजनाओं का प्रदर्शन हुआ। विश्वविद्यालय के वे शिक्षार्थी और पूर्व विद्यार्थी जिन्होंने पूर्णतः क्रियाशील न्यूनतम व्यवहार्य उत्पाद या कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित नवउद्यम समाधान विकसित किए थे, उन्होंने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित समाधानों के इर्द-गिर्द नवाचार पारितंत्र का निर्माण करना, स्वदेशी उद्यमिता को प्रोत्साहित करना तथा नवप्रवर्तकों को व्यावहारिक और विस्तार योग्य परिणाम प्रस्तुत करने का मंच उपलब्ध कराना था।
प्रदर्शन दिवस और स्वदेशी उद्यमियों एवं नवप्रवर्तकों के महोत्सव 2026 में एमसीए ऑनलाइन कार्यक्रम के छात्र श्री कुनाल अम्बास्ता को विजेता घोषित किया गया, जबकि एमसीए नवीन कार्यक्रम के छात्र श्री अंकित झा उपविजेता रहे।
माननीय कुलपति प्रोफेसर उमा कंजीलाल ने आयोजकों और विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह महोत्सव शिक्षार्थियों द्वारा विकसित कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित नवाचारों और नवउद्यमों को प्रदर्शित करने का एक सशक्त मंच बनकर उभरा है। इसने उभरते नवप्रवर्तकों के बीच सहयोग, प्रयोगधर्मिता और प्रौद्योगिकी आधारित समस्या समाधान दृष्टिकोण को प्रोत्साहित किया है। ऐसे प्रयास विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे।
आयोजकों द्वारा उत्कृष्ट नवाचारों को ट्रॉफी, प्रमाण-पत्र और नगद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। चयनित स्वदेशी उद्यमियों को अब विश्वविद्यालय द्वारा परामर्श, सहयोग और संवर्धन की सुविधा प्रदान की जाएगी।
#इग्नू #डेमोदिवस #महोत्सव2026 #नवाचार #उच्चशिक्षा #शोधपरियोजना #स्टार्टअप