गायक दलेर मेहंदी और अभिजीत भट्टाचार्य के बीच लाइव परफॉर्मेंस को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। अभिजीत की टिप्पणी के बाद अब दलेर मेहंदी के बेटे गुरदीप मेहंदी ने खुलकर अपने पिता का बचाव किया है। उन्होंने अभिजीत के बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कुछ कलाकार चंद व्यूज पाने के लिए कुछ भी बोल देते हैं। गुरदीप ने दावा किया कि उत्तराखंड के कार्यक्रम में उनके पिता लिप-सिंक नहीं कर रहे थे, बल्कि लाइव गाना गा रहे थे।
क्या बोले थे अभिजीत भट्टाचार्य?
यह विवाद छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में अभिजीत के एक बयान के बाद शुरू हुआ। उन्होंने मंच से कहा था कि यदि कोई कलाकार लाइव शो में वास्तव में नहीं गा रहा है, तो उसे ऐसा करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने उत्तराखंड के उस घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि कार्यक्रम में मंत्री ने मंच पर आकर जो सवाल उठाए थे, वे सही थे। अभिजीत ने यह भी कहा कि वह चाहे बेसुरा गाएं या उनकी आवाज खराब हो, लेकिन हमेशा लाइव ही गाएंगे। उन्होंने सीधे दलेर मेहंदी का नाम नहीं लिया था, लेकिन उनका इशारा इसी विवाद की ओर माना गया।
गुरदीप ने फुटेज भेजने की कही बात
गुरदीप ने एक लाइव कार्यक्रम के दौरान कहा कि उन्हें अभिजीत से इस तरह की टिप्पणी की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने उन्हें हमेशा लाइव गाना सिखाया है। गुरदीप ने अभिजीत को उस दिन की परफॉर्मेंस की फुटेज भेजने की बात भी कही, ताकि वह खुद देख सकें कि दलेर मेहंदी लाइव गा रहे थे या नहीं। उन्होंने अभिजीत से विनम्र रहने की अपील करते हुए कहा कि हर कलाकार के जीवन में अच्छा और बुरा समय आता है।
क्या था उत्तराखंड का विवाद?
अक्टूबर 2026 में उत्तराखंड के कुंजापुरी देवी मेले में कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी की प्रस्तुति बीच में रोककर उनके गाने और व्यवहार पर सवाल उठाए थे। मंत्री ने उन पर लिप-सिंकिंग और नशे की हालत में मंच पर आने का आरोप लगाया था। इसके बाद दलेर के भाई मीका सिंह ने उनका बचाव करते हुए कहा था कि वह उस समय अस्वस्थ थे। इस घटना के बाद से ही कलाकारों के बीच लाइव गायन और मंच पर कलाकारों के सम्मान को लेकर बहस जारी है।
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