ITDC India e-Press / Agencies

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जहरीली हवा और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर शनिवार को भी हलचल जारी है। एक ओर प्रदूषण का स्तर लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर मतदाता सूची से लाखों नाम हटाए जाने के मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

दिल्ली में शनिवार सुबह 5 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 367 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। हालांकि, कई इलाकों में स्थिति इससे भी गंभीर रही। आईआईटी दिल्ली में एक्यूआई 445, पंजाबी बाग में 434 और विवेक विहार में 428 दर्ज किया गया। कुल 59 निगरानी केंद्रों में से 22 पर हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में रही। प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप के तीसरे चरण की पाबंदियां लागू कर दी हैं। मौसम संबंधी पूर्वानुमान के अनुसार, 7 से 9 नवंबर तक हवा गंभीर श्रेणी में रह सकती है।

उधर, मतदाता सूची के एसआईआर को लेकर राजनीतिक विवाद भी गहरा गया है। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर मतदाताओं के नाम मनमाने तरीके से हटाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने हाल ही में दिल्ली में प्रदर्शन कर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की थी।

इसी बीच दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने राहत देते हुए बताया है कि मसौदा मतदाता सूची से बाहर हुए करीब 47.6 लाख मतदाताओं को दोबारा गणना प्रपत्र जमा करने का अवसर मिलेगा। इनमें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट श्रेणी में दर्ज मतदाता शामिल हैं। पात्र मतदाता निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने नाम को सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।


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