सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अक्षय तृतीया 2026 के अवसर पर प्रदेश में बाल विवाह रोकने के लिए राज्य सरकार ने विशेष सतर्कता और व्यापक तैयारियों के निर्देश जारी किए हैं। सचिव महिला एवं बाल विकास रश्मि ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर हर जिले में कंट्रोल रूम, उड़न दस्ते और सूचना दल बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी सामूहिक विवाह में नाबालिग लड़कियों का विवाह रोका जा सके। निर्देशों के अनुसार प्रत्येक ग्राम और वार्ड में बाल विवाह सूचना दल गठित किए जाएंगे, जिनमें शिक्षक, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्व-सहायता समूह की महिलाएं और पंचायत प्रतिनिधि शामिल होंगे। ये दल किशोरियों की सूची तैयार करेंगे, परिवारों को बाल विवाह न करने के लिए समझाइश देंगे और किसी भी शंका या सूचना पर तुरंत कार्रवाई करेंगे। इसके साथ ही हेल्पलाइन नंबर 181, 1098 और 112 के माध्यम से बाल विवाह की सूचना देने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा। पंचायत स्तर पर पंच, सरपंच, सचिव और पार्षद सामूहिक विवाहों में शपथ लेंगे कि वे बाल विवाह नहीं होने देंगे। ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में जागरूकता रैलियां आयोजित की जाएंगी, जबकि स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा परिवारों में चर्चा कर उन्हें बाल विवाह से रोकने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप और दीवार लेखन के माध्यम से भी जागरूकता बढ़ाई जाएगी। अभियान का उद्देश्य न केवल बाल विवाह की घटनाओं को शून्य करना है, बल्कि किशोरियों के सशक्तिकरण और उनके अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना भी है। यह अभियान बाल विवाह मुक्त भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। प्रशासन की सतर्क निगरानी, सूचना दलों की सक्रियता और समाज में व्यापक जागरूकता के माध्यम से इस अक्षय तृतीया पर बाल विवाह की घटनाओं को रोकना प्राथमिक लक्ष्य रखा गया है।

 

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