सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : राष्ट्रगीत वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की सामाजिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत का प्रतीक है, जो देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को एक सूत्र में बाँधने और सही दिशा दिखाने की क्षमता रखता है। यह विचार विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने अरविंद सोसायटी, भोपाल शाखा के दिव्यांश रजत जयंती समारोह में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् आज भी उतना ही प्रासंगिक है और राष्ट्रहित में निरंतर प्रयास की प्रेरणा देता है।
अरविंद का भारत और वंदे मातरम् विषय पर आयोजित विमर्श में तोमर ने कहा कि अरविंद केवल आध्यात्मिक पुरुष ही नहीं, बल्कि कर्मयोगी भी थे। उनका मानना था कि केवल स्वतंत्रता पर्याप्त नहीं, बल्कि भारत को पूर्ण स्वराज चाहिए। इसी भावना को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वंदे मातरम् के माध्यम से आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और महर्षि अरविंद को ईश्वर की प्रेरणा से वंदे मातरम् की साधना का मार्ग मिला।


कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र सह-कार्यवाह हेमंत मुक्तिबोध ने की। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् व्यक्ति के विचार, दृष्टि और कर्म की एकता का संदेश देता है। यह गीत राष्ट्रभक्ति और अध्यात्म का अद्भुत संगम है, जिसने करोड़ों लोगों में राष्ट्रवंदना की चेतना जगाई। उन्होंने विभाजित वंदे मातरम् पर चिंता व्यक्त करते हुए आत्मबोध, शत्रुबोध और मित्रबोध को जागृत करने का आह्वान किया।
विशेष अतिथि विधायक भगवानदास सबनानी ने अरविंद के बहुआयामी व्यक्तित्व और स्वतंत्रता आंदोलन में वंदे मातरम् की भूमिका को आज भी प्रेरणास्रोत बताया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी भी उपस्थित रहे।
समारोह में श्री अरविंद सोसायटी के अध्यक्ष उमेश त्रिवेदी, मध्यप्रदेश चेप्टर अध्यक्ष मनोज शर्मा, एवं अन्य वक्ताओं ने विचार रखे। कार्यक्रम का समापन दीप प्रज्ज्वलन, कविता पाठ और आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।

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