सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल आंचलिक विज्ञान केन्द्र, भोपाल द्वारा विज्ञान एवं अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने हेतु विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विज्ञान प्रेमियों के लिए एक विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। सन् 1972 में अपोलो-17 मिशन के बाद पहली बार मानवता पुनः चंद्रमा की ओर अग्रसर हो रही है। अब नासा के आर्टेमिस-II मिशन के माध्यम से मानव चंद्रमा की कक्षा में पुनः प्रवेश करेगा। यह केवल एक अंतरिक्ष मिशन नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत है—जहाँ मानव चंद्रमा पर दीर्घकालिक उपस्थिति की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। युवा पीढ़ी आर्टेमिस जनरेशन है। इस ऐतिहासिक मिशन को देखना न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह खगोल विज्ञान, खगोल भौतिकी एवं तना (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी एवं गणित) के प्रति रुचि विकसित करने का एक सशक्त माध्यम भी है। भारत भी अपने चंद्रयान मिशनों की सफलता एवं आगामी गगनयान मिशन के साथ अंतरिक्ष क्षेत्र में तीव्र प्रगति कर रहा है, ऐसे में युवाओं का इन वैश्विक उपलब्धियों से जुड़ना अत्यंत आवश्यक है।

 

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