सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भोपाल महानगर द्वारा शिक्षा में उभरते नए आयाम एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति विषय पर एक महत्वपूर्ण शिक्षा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आईआईआईटी के निदेशक आशुतोष, अभाविप के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान, महानगर अध्यक्ष महेंद्र मेहरा और महानगर मंत्री आरती ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर भोपाल के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से प्राध्यापक, विद्यार्थी और शिक्षाविद बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में वर्तमान शिक्षा प्रणाली, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के प्रभाव, भारतीय ज्ञान परंपरा और शिक्षा में हो रहे नवाचारों पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने शिक्षा को अधिक लचीला, रोजगारोन्मुख और भारतीय मूल्यों पर आधारित बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। आईआईआईटी के निदेशक आशुतोष ने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ अपनी समृद्ध ज्ञान परंपरा से जोड़ना आवश्यक है।

नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को बहुआयामी अवसर प्रदान करती है और उन्हें केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रखती। अभाविप के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने कहा कि भारत की पहचान उसकी समृद्ध ज्ञान परंपरा से है। हमारा देश गुरुकुल परंपरा पर आधारित रहा है, जहां शिक्षा केवल व्यक्तिगत उन्नति के लिए नहीं, बल्कि समाज के कल्याण के लिए प्राप्त की जाती थी। भारतीय दर्शन में जीवन के चार पुरुषार्थ—धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष—मानव के सर्वांगीण विकास का मार्गदर्शन करते हैं। हमें मैकाले की शिक्षा पद्धति से आगे बढ़ते हुए भारतीयता आधारित शिक्षा व्यवस्था को सशक्त करना होगा और शिक्षा को भारतीय भाषाओं में बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि नई शिक्षा नीति शिक्षा को लचीला, बहुआयामी और रोजगारोन्मुख बनाकर भारत को पुन: ज्ञान महाशक्ति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्राध्यापकों और प्रतिभागियों के प्रश्नों का विशेषज्ञों ने संतोषजनक समाधान किया। इस शिक्षा संवाद ने नई सोच और संभावनाओं को समझने का एक प्रभावी मंच प्रदान किया और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाई।
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