भोपाल ।जानलेवा कोरोना वायरस कुछ कम हुआ तो दूसरे मौसमी इन्फ्यूएंजा वायरस ने लोगों को अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। एक्सपर्ट के अनुसार जून, जुलाई में गरम और हल्की ठंड होने पर नमी भरे हालात में सर्दी-जुकाम के लिए जिम्मेदार वायरस सक्रिय हो जाते हैं। बीते एक सप्ताह में तो शहर में वायरल बुखार की जैसे बाढ़ सी आ गई है। हर घर में दो से तीन सदस्य तक बीमार हैं। वायरल के कारण शरीर में बहुत दर्द होता है।
विशेष रूप से 5 से लेकर 7 दिन तक इसका चक्र शरीर में विपरीत प्रभाव के साथ सक्रिय रहता है। इसकी चपेट में बच्चे, बुजुर्ग सभी आ रहे हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि महामारी के दौर में मर्ज को समझने और इलाज तय करने के लिए डॉक्टर से राय लें। चिकित्सक कहते हैं कि कौन से कोरोना के लक्षण हैं, सामान्य मौसमी वायरल बुखार क्या है इसे एक्सपर्ट को ही तय करने दें। इसमें थोड़ी लापरवाही अभी ज्यादा घातक साबित होती है।
ओपीडी मौसमी बुखार से फुल
अस्पतालों के ओपीडी इस समय मौसमी बुखार के मरीजों से फुल हो रहे हैं। लॉन्ग या पोस्ट कोविड समस्या के साथ सबसे अधिक वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, गले में दर्द के मरीज आ रहे हैं। हमीदिया, जेपी अस्पताल, निजी दवाखाने सभी में मरीजों की संख्या बढ़ी है।