सीएनएन सेंट्रल न्यूज एंड नेटवर्क-आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज भोपाल: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर अपना हमला तेज करते हुए दावा किया है कि “असली टीएमसी” को लेकर चल रही बहस अब प्रभावी तौर पर खत्म हो चुकी है। पार्टी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व वाला खेमा अब दल के वास्तविक नेतृत्व का प्रतिनिधित्व नहीं करता। ये टिप्पणियां टीएमसी के भीतर बढ़ते आंतरिक संकट के बीच आई हैं, जहां इस्तीफों, दल-बदल और सांसदों व नेताओं के बढ़ते असंतोष का सिलसिला देखा जा रहा है।

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कथित तौर पर लगभग 20 लोकसभा सांसदों द्वारा हस्ताक्षरित एक दस्तावेज का हवाला देते हुए कहा कि यह काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले असंतुष्ट गुट के समर्थन को दर्शाता है। भाजपा के अनुसार, यह घटनाक्रम पार्टी के भीतर व्यापक असंतोष को उजागर करता है और टीएमसी की आंतरिक शक्ति संरचना में बड़े बदलाव का संकेत देता है।

यह विवाद उस समय और तेज हो गया है जब बागी सांसद कथित तौर पर संसद में खुद को “असली तृणमूल” के रूप में मान्यता दिलाने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं वरिष्ठ नेताओं से जुड़े अंदरूनी मतभेद भी अब खुलकर सामने आने लगे हैं। हालिया इस्तीफों और गुटीय टकराव ने पार्टी नेतृत्व के सामने मौजूद चुनौतियों को और उजागर किया है।

हालांकि, टीएमसी नेताओं ने भाजपा के दावों को खारिज कर दिया है और कहा है कि पार्टी अपने स्थापित नेतृत्व के तहत एकजुट बनी हुई है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह जारी खींचतान पश्चिम बंगाल में विपक्ष की राजनीति और तृणमूल कांग्रेस की भावी दिशा पर महत्वपूर्ण असर डाल सकती है।


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