सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव उस समय बढ़ गया, जब कोलकाता में ममता बनर्जी के नेतृत्व में निकाले गए विरोध मार्च पर कथित तौर पर अंडे फेंके गए। रैली के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित रूप से “Chor, Chor” यानी “चोर, चोर” के नारे भी लगाए, जिससे थोड़ी देर के लिए व्यवधान पैदा हुआ और मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और घटना के बावजूद मार्च जारी रहा।
यह रैली बारुईपुर में 12 वर्षीय लड़की के कथित बलात्कार और हत्या के विरोध में आयोजित की गई थी। इस मुद्दे ने राज्य में राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है। मार्च से पहले ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उन्हें पुलिस निगरानी में रखा गया और हालात को “house arrest” जैसी स्थिति बताया। उन्होंने प्रशासन पर राजनीतिक पक्षपात के साथ काम करने का भी आरोप लगाया। हालांकि अधिकारियों ने कहा कि न्यायिक निर्देशों के बाद कार्यक्रम के लिए सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
यह घटना हाल के हफ्तों में तृणमूल कांग्रेस नेताओं से जुड़े कई टकरावों के बीच सामने आई है, जिससे पश्चिम बंगाल का राजनीतिक माहौल और गरमाया हुआ दिख रहा है। अंडे फेंकने और नारेबाजी के वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुए। इसके बाद राजनीतिक असहिष्णुता, सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शन और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति की रक्षा के साथ राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत पर बहस फिर तेज हो गई।
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