सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क-आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: हैदराबाद में नागरिकों की अगुवाई में शुरू की गई एक पर्यावरणीय पहल के तहत प्रतिष्ठित केबीआर नेशनल पार्क के आसपास स्थित सैकड़ों पेड़ों की जियो-टैगिंग की गई है। यह अभियान स्वयंसेवकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने शहर की हरित आच्छादन की सुरक्षा के प्रयासों को मजबूत करने और पेड़ों का सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध डेटाबेस तैयार करने के उद्देश्य से चलाया। इस परियोजना के तहत पार्क के आसपास सड़क डिवाइडरों पर मौजूद 672 पेड़ों का दस्तावेजीकरण किया गया और प्रत्येक पेड़ को एक विशिष्ट पहचान संख्या तथा जीपीएस निर्देशांक दिए गए।

यह पहल सेव केबीआर आंदोलन से जुड़े नागरिक स्वयंसेवकों की एक टीम ने तीन दिनों में पूरी की। जियो-टैगिंग के अलावा सर्वेक्षण में पेड़ों की प्रजातियों का भी रिकॉर्ड तैयार किया गया और उनकी सटीक लोकेशन का मानचित्रण किया गया। इससे एक व्यापक डिजिटल सूची तैयार हुई, जिसका उपयोग निगरानी और संरक्षण के उद्देश्यों के लिए किया जा सकेगा। आयोजकों ने कहा कि यह डेटाबेस पारदर्शिता बढ़ाएगा और नागरिकों, शोधकर्ताओं तथा संबंधित प्राधिकरणों के लिए पार्क के आसपास पेड़ों की संख्या और स्थिति में होने वाले बदलावों पर नजर रखना आसान बनाएगा।

केबीआर नेशनल पार्क के आसपास प्रस्तावित पेड़ कटाई और अवसंरचना परियोजनाओं को लेकर हाल में उठी चिंताओं के बाद इस अभ्यास का महत्व और बढ़ गया है। पर्यावरण समूहों का कहना है कि मौजूदा पेड़ों की सुरक्षा और शहरी विकास परियोजनाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण आवश्यक है। यह पहल पार्क के आसपास के ईको-सेंसिटिव जोन में संरक्षण को लेकर कानूनी और सार्वजनिक बहसों के बीच सामने आई है।

पर्यावरणविदों का मानना है कि जियो-टैग किया गया यह डेटाबेस भविष्य के संरक्षण प्रयासों के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण साबित होगा और हैदराबाद के सबसे महत्वपूर्ण शहरी हरित क्षेत्रों में से एक को संरक्षित रखने में मदद करेगा। यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ शहरी नियोजन में नागरिक भागीदारी की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करती है।


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