सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : ‘पार्टी फंड के नाम पर EMI में लेते थे रिश्वत’, CM विजय का DMK पर बड़ा आरोप
तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और विपक्षी DMK के बीच भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। मुख्यमंत्री विजय ने आरोप लगाया कि पिछली DMK सरकार के दौरान सरकारी कामों के ठेकेदारों से पार्टी फंड के नाम पर रिश्वत वसूली जाती थी और रकम एकमुश्त लेने के बजाय लोन की EMI की तरह किस्तों में ली जाती थी।
7.5 से 10 फीसदी तक रकम लेने का आरोप विजय ने विधानसभा में विपक्ष की ओर से आरोपों का सबूत मांगे जाने पर Enforcement Directorate (ED) के एक दस्तावेज का हवाला दिया। उनके मुताबिक, दस्तावेज में आरोप है कि म्यूनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन एंड वॉटर सप्लाई (MAWS) विभाग के तहत सरकारी काम करने वाले ठेकेदारों से कॉन्ट्रैक्ट की कुल रकम का 7.5 से 10 फीसदी तक पार्टी फंड के नाम पर लिया जाता था। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि यह कथित वसूली नियमित किस्तों में की जाती थी। उन्होंने एक व्यक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि दस्तावेज में 29 लाख रुपये की कथित रिश्वत का उल्लेख है और यह रकम भी किस्तों में वसूले जाने की बात सामने आती है।
स्टालिन और उदयनिधि का भी नाम लेने का दावा विजय ने अपने भाषण में दावा किया कि जिस ED दस्तावेज का वह हवाला दे रहे हैं, उसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन को कथित तौर पर लाभ पाने वालों के रूप में बताया गया है। विजय ने कहा कि ये आरोप उनके द्वारा तैयार किए गए नहीं हैं, बल्कि संबंधित दस्तावेज में दर्ज आरोपों का हिस्सा हैं। हालांकि, इन आरोपों को फिलहाल विजय द्वारा विधानसभा में किए गए दावे और जांच दस्तावेज के उनके हवाले के रूप में ही देखा जाना चाहिए। आरोपों की अंतिम पुष्टि संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया से होगी।
सरकरिया आयोग का भी किया जिक्र मुख्यमंत्री विजय ने अपने भाषण में पुराने सरकरिया आयोग की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया। उन्होंने वीरानम जल आपूर्ति योजना का उदाहरण देते हुए दावा किया कि रिपोर्ट में एक 16 करोड़ रुपये के टेंडर पर 2.5 फीसदी पार्टी फंड मांगे जाने का आरोप दर्ज था।
आरोपों के बाद विधानसभा में हंगामा विजय के आरोपों के बाद विधानसभा में विपक्षी DMK विधायकों ने जोरदार विरोध किया। रिपोर्ट के मुताबिक, DMK विधायक स्पीकर JCD प्रभाकर के पोडियम के पास पहुंचे, नारेबाजी की और सदन के वेल में चले गए। इससे विधानसभा की कार्यवाही के दौरान राजनीतिक तनाव बढ़ गया। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब मुख्यमंत्री विजय की सरकार और DMK के बीच भ्रष्टाचार तथा पिछली सरकार के कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है। हाल में पूर्व DMK मंत्री के.एन. नेहरू से जुड़े ठेका और कथित पार्टी फंड संग्रह मामले में DVAC ने कई ठिकानों पर छापेमारी भी की थी।
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