सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : 'ट्रंप ने मुझसे कहा'भारत-अमेरिका रिश्तों पर सर्जियो गोर का बड़ा दावा

भारत और अमेरिका के रिश्तों को लेकर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना दोस्त मानते हैं और भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। गोर के मुताबिक, दिसंबर में अमेरिका में होने वाले G20 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ट्रंप की मुलाकात की प्राथमिकता वाली सूची में सबसे ऊपर होंगे।

'मोदी ट्रंप की लिस्ट में सबसे ऊपर' सर्जियो गोर ने India Today TV को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा जाए कि G20 में आने वाले करीब 35 नेताओं में वह किससे मिलना चाहते हैं, तो प्रधानमंत्री मोदी उनकी सूची में सबसे ऊपर होंगे। गोर ने इसकी वजह बताते हुए कहा कि ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी को अपना मित्र मानते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि दिसंबर में मोदी की अमेरिका यात्रा केवल G20 की औपचारिक बैठक तक सीमित नहीं रह सकती और दोनों नेताओं के बीच अलग से मुलाकात भी संभव है। हालांकि, इस तरह की द्विपक्षीय बैठक की अभी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।

'ट्रंप को भारत यात्रा आज भी याद है' अमेरिकी राजदूत ने यह भी कहा कि ट्रंप वर्ष 2020 में भारत की अपनी यात्रा को आज भी सकारात्मक रूप से याद करते हैं। गोर के अनुसार, जब भी वह ट्रंप से बात करते हैं, अमेरिकी राष्ट्रपति भारत और प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने संबंधों का जिक्र करते हैं गोर ने यह भी संकेत दिया कि ट्रंप अगले साल भारत का दौरा कर सकते हैं, हालांकि इसकी तारीख या आधिकारिक कार्यक्रम अभी तय नहीं है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर क्या बोले? भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर भी गोर ने सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद समझौते की बातचीत को नए सिरे से व्यवस्थित किया जा रहा है, लेकिन दोनों देश समझौते के काफी करीब हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले कुछ महीनों में व्यापार समझौता पूरा हो सकता है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार फिलहाल करीब 240 अरब डॉलर बताया गया है और आने वाले वर्षों में इसे 500 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

रक्षा क्षेत्र में भी बढ़ रहा भरोसा सर्जियो गोर ने भारत को अमेरिका का भरोसेमंद रक्षा साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का रक्षा सहयोग केवल हथियारों की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि सह-उत्पादन, तकनीक और संयुक्त सैन्य अभ्यास तक फैल रहा है।

गोर ने भारत-अमेरिका संबंधों में Quad की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक सहयोग को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अहम माना जाता है। भारत में बढ़ेंगे अमेरिकी उच्चस्तरीय दौरे गोर ने कहा कि भारत को आने वाले समय में अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों की लगातार यात्राओं के लिए तैयार रहना चाहिए। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के अक्टूबर में दोबारा भारत आने की भी जानकारी उन्होंने दी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते व्यापार, रक्षा, तकनीक, फार्मास्यूटिकल्स, अंतरिक्ष और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे कई क्षेत्रों में लगातार विस्तार कर रहे हैं।

रिश्तों को लेकर अमेरिका का संदेश सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका संबंधों को लगातार मजबूत होता हुआ बताया। उनका कहना है कि दोनों देशों के बीच बढ़ता व्यापार, रक्षा सहयोग और उच्चस्तरीय राजनीतिक संपर्क इस साझेदारी की मजबूती को दिखाते हैं। ऐसे में दिसंबर का G20 सम्मेलन मोदी-ट्रंप मुलाकात और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकता है। हालांकि, किसी संभावित द्विपक्षीय बैठक या व्यापार समझौते की अंतिम स्थिति पर आधिकारिक घोषणा का इंतजार रहेगा।


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