भोपाल । प्रदेश के नगरीय निकायों में होने वाले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में अब और सुधार होगा। कोरोना काल के कारण दिनों-दिन बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखकर नगरीय आवास एवं विकास विभाग ने शेड्यूल ऑफ रेट (एसओआर) में 10 प्रतिशत राशि की वृद्धि कर दी है। इसके साथ ही पहले नगर निगम और नगर पंचायतों के लिए तय एसओआर रेट में दस प्रतिशत राशि की छूट मिलती थी। अब इस छूट को बंद कर दिया गया है।
देखा जाए तो एसओआर में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हो गई है। अब नए एसओआर से नगर निगम ग्वालियर के अलावा पूरे प्रदेश की नगरीय निकायों और स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन में काम कराए जाएंगे, क्योंकि स्मार्ट सिटी भी नगरीय आवास एवं विकास विभाग के अधीन आती हैं। नई व्यवस्था से नगर निगमों को बड़े प्रोजेक्ट में सीधा फायदा मिलेगा। नगरीय आवास एवं विकास विभाग ने साल 2012 में एसओआर रेट नगर निगम और नगर पंचायतों के लिए तय किए थे। उस हिसाब से ही प्रदेश में सड़क, आवास निर्माण, नाला निर्माण आदि के काम हो रहे थे। दो साल से कोरोना काल के दौरान सीमेंट, ईंट, फ्लोरिंग टाइल्स आदि के दामों में इजाफा हुआ है। इसके साथ ही मजदूरी भी महंगी हो गई हैं। इन सब को ध्यान में रखकर आयुक्त नगरीय आवास एवं विकास विभाग ने पूरे प्रदेश के नगरीय निकाय, नगर पंचायतों में होने वाले निर्माण कार्यों के एसओआर रेट में इजाफा कर दिया है। हालांकि कुछ कार्यों में एसओआर रेट कम भी हुई है।
इनके दामों में हुआ इजाफा
आरसीसी की रोड में 863 से 1004 रुपए तक की वृद्धि की गई है। अभी तक एम-10 ग्रेड के लिए 2886 रुपए प्रति घन मीटर के हिसाब से काम कराया जाता था। अब इसमें 1004 रुपए की वृद्धि कर दी गई है। अब यह काम 3890 रु. प्रति घन मीटर के हिसाब से काम कराया जाएगा। इसके बाद सड़क में ऊपर की लेयर एम-20 ग्रेड की बनाई जाती है। इसका रेट पहले 4557 रु. प्रति घन मीटर था। अब इसे 5420 रु. प्रति घन मीटर कर दिया गया है। नगर निगम आवास निर्माण, सामुदायिक भवन निर्माण सहित अन्य भवन निर्माण के कार्य कराता है। इसमें अभी तक ईंट (ब्रिक) 3813 घन मीटर के हिसाब से टेंडर निकाला जाता था। अब 4975 घन मीटर के हिसाब से टेंडर निकाला जाएगा। कुल मिलाकर इसमें 1162 रुपए की वृद्धि की गई है। फ्लोरिंग टाइल्स के काम को करने के लिए निगम नौ साल से 1041 रुपए प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से निर्माण कंपनी को भुगतान कर रहा था। अब नए एसओआर में इसे 1116 रुपए प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है।
यहां एसओआर रेट कम हुए
डामर से बनने वाली सड़क का एसओआर रेट कम हुआ है। नौ साल से डामर से बनने वाली सड़क में 50 एमएम की लेयर बिछाने के लिए 7178 रुपए प्रति घन मीटर की राशि खर्च होती थी। अब नए एसओआर में इसे 5293 रुपए प्रति घन मीटर कर दिया गया है। इसके ऊपर 20 एमएम का सील कोट होता है। यह अभी तक 150 रुपए प्रति घनमीटर था। अब 139 रुपए प्रति घन मीटर कर दिया गया है। निर्माण कार्यों में सरिया काफी उपयोग होता है। पुराने एसओआर में सरिया 60 रुपए प्रति किलो था। इसमें तीन रुपए की कमी कर दी गई है। नए एसओआर में 57 रुपए प्रति किलो के हिसाब से सरिए के रेट तय किए गए हैं।
पहले से स्वीकृत काम, अब नए सिरे से तैयारी
नगर निगम में चार विधानसभा आती हैं। इन सभी में निर्माण कार्यों करीब 100 बताए जा रहे हैं। सभी कार्य पुरानी एसओआर रेट से स्वीकृत हो चुके थे। टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण काम अटक गए हैं। अब नई एसओआर से उक्त 100 फाइलों में बंद कामों को किया जाएगा। जनकार्य विभाग ने इस पर काम शुरू कर दिया है। हालांकि निर्माण के काम अब लेट हो जाएंगे। क्योंकि इस काम में एक महीना इंजीनियरों को लग जाएगा।