सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ भोपाल: वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगामी मध्यावधि चुनावों के नतीजों को स्वीकार करने को लेकर एक बार फिर शर्त रखी है। 27 अक्टूबर को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह चुनाव परिणामों का सम्मान करेंगे, बशर्ते चुनाव ईमानदारी से कराए जाएं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब 3 नवंबर को होने वाले चुनावों में अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों पर नियंत्रण को लेकर मुकाबला तेज हो गया है।

टेक्सास में रिपब्लिकन उम्मीदवार के लिए प्रचार ट्रंप यह बयान टेक्सास में चुनाव प्रचार के लिए रवाना होने से पहले दे रहे थे। वह रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन के समर्थन में प्रचार करने जा रहे थे, जिनका मुकाबला डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टालारिको से है। ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि डेमोक्रेट्स कांग्रेस में नियंत्रण हासिल करते हैं, तो वह राष्ट्रपति के वीटो अधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं।

मिडटर्म चुनाव क्यों हैं अहम? 3 नवंबर को होने वाले चुनावों में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 100 में से 35 सीटों पर मतदान होना है। फिलहाल दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण है। यदि डेमोक्रेट्स प्रतिनिधि सभा या सीनेट में बहुमत हासिल करते हैं, तो ट्रंप प्रशासन के विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाना कठिन हो सकता है। साथ ही, विपक्ष को प्रशासन के कामकाज की संसदीय जांच शुरू करने का अवसर मिल सकता है।

चुनावी निष्पक्षता पर फिर बहस

ट्रंप के बयान ने चुनावी निष्पक्षता और परिणामों को स्वीकार करने की राजनीतिक बहस को फिर चर्चा में ला दिया है। द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने पिछले चुनावों में भी नतीजों को स्वीकार करने को लेकर शर्तें रखी थीं। हालांकि, चुनाव में धांधली के दावों और वास्तविक अनियमितताओं के बीच अंतर करना जरूरी है; किसी दावे को प्रमाणित मानने के लिए ठोस साक्ष्य आवश्यक हैं।


Hashtags: #WorldInternational #Bhopal #ट्रंप #शर्त #ईमानदार #चुनाव #हुए #मानेंगे #नतीजे #ट्रंपकीशर्त