सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : तेहरान/वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल को लेकर नया विवाद सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई की संभावना जताई है। इसके जवाब में ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका और इजरायल ने फिर हमला किया, तो ईरान फारस की खाड़ी में मौजूद समुद्र के नीचे की संचार केबल को निशाना बना सकता है।

ट्रंप ने फिर सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए ट्रंप ने शुक्रवार को फ्लोरिडा में एक रैली के दौरान ईरान के खिलाफ एक और सैन्य अभियान की संभावना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका जल्द ही एक और कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि कार्रवाई कब होगी या उसका स्वरूप क्या होगा। इस बयान के बाद क्षेत्र में संघर्ष दोबारा बढ़ने की आशंका गहरा गई है। कई देशों ने भी तनाव कम करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की जरूरत पर जोर दिया है।

ईरान ने क्या चेतावनी दी? रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, दो वरिष्ठ ईरानी सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका और इजरायल के नए हमले की स्थिति में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र की समुद्र के नीचे बिछी संचार केबल को निशाना बनाने की योजना तैयार की है। ईरानी अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि केबल क्षतिग्रस्त होने के बाद उनकी मरम्मत में बाधा डालने की कोशिश की जा सकती है, ताकि संचार सेवाओं पर असर लंबे समय तक बना रहे।

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के अधिकारी यदोल्लाह जवानी ने होर्मुज जलडमरूमध्य के नीचे मौजूद सात प्रमुख इंटरनेट केबल को संभावित निशाना बताया है। हालांकि, अधिकारियों ने किसी निश्चित कार्रवाई की तारीख या विस्तृत योजना सार्वजनिक नहीं की है।

क्या पूरी दुनिया का इंटरनेट बंद हो सकता है?

समुद्र के नीचे बिछी फाइबर-ऑप्टिक केबल अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट संचार की रीढ़ हैं। संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) के अनुसार, वैश्विक इंटरनेट ट्रैफिक का लगभग 99 प्रतिशत हिस्सा समुद्री केबलों के माध्यम से गुजरता है। लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाली केबलों का हिस्सा वैश्विक अंतरराष्ट्रीय बैंडविड्थ के एक प्रतिशत से भी कम है।

इसलिए वहां केबल कटने से पूरी दुनिया का इंटरनेट बंद होने की आशंका सही नहीं मानी जा सकती। हालांकि, कई केबल एक साथ क्षतिग्रस्त होने पर खाड़ी देशों में इंटरनेट की गति, बैंकिंग लेनदेन, ऑनलाइन कारोबार और क्लाउड सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। नुकसान की गंभीरता वैकल्पिक नेटवर्क की क्षमता और ट्रैफिक को दूसरे मार्गों पर भेजने की गति पर निर्भर करेगी।

खाड़ी देशों के तकनीकी निवेश पर भी असर सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य खाड़ी देश कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा सेंटर और डिजिटल सेवाओं में भारी निवेश कर रहे हैं। क्षेत्रीय संचार नेटवर्क को नुकसान पहुंचने से इन परियोजनाओं और अमेरिकी तकनीकी कंपनियों के कारोबार पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ईरान की चेतावनी का उद्देश्य अमेरिका पर सैन्य कार्रवाई से बचने का दबाव बनाना भी हो सकता है। फिलहाल, यह बयान संभावित कार्रवाई की चेतावनी है; समुद्री इंटरनेट केबलों पर किसी नए हमले की पुष्टि नहीं हुई है।


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