सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : बीजिंग/नई दिल्ली, चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में गुरुवार रात आए 7.0 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 54 लोग घायल हुए हैं। भूकंप का केंद्र उत्तरी तिब्बत के नागकू क्षेत्र में था। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इसका केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। उथले केंद्र वाले इस भूकंप के कारण आसपास के इलाकों में इमारतों को नुकसान पहुंचा और लोगों में दहशत फैल गई। सैकड़ों मकान ढहे, बचाव अभियान तेज भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों में कम से कम 339 मकानों और 20 पशुशालाओं के ढहने की खबर है। कई स्थानों पर संचार सेवाएं प्रभावित हुईं और रेल परिचालन भी बाधित हुआ। कुछ इलाकों में चट्टानें खिसकने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-317 पर आवागमन प्रभावित हुआ, जिससे राहत दलों को पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रहे हैं। घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और प्रभावित परिवारों के लिए तंबू, अस्थायी आवास, बिस्तर तथा सर्दी से बचाव के सामान की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों के अनुसार, हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। लगातार आ रहे हैं आफ्टरशॉक मुख्य भूकंप के बाद क्षेत्र में कई आफ्टरशॉक यानी झटके महसूस किए गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के आंकड़ों के अनुसार, बाद के झटकों की तीव्रता लगभग 4.3 से 5.2 के बीच दर्ज की गई। इससे प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की चिंता बढ़ गई है।
तिब्बत का यह इलाका ऊंचाई पर स्थित है और कई बस्तियां दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में हैं। ऐसे में राहत सामग्री पहुंचाना, घायलों को अस्पतालों तक ले जाना और क्षतिग्रस्त इमारतों का आकलन करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। मौसम में संभावित बदलाव और बर्फबारी भी बचाव कार्यों को प्रभावित कर सकती है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी झटकों की चर्चा भूकंप के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी झटके महसूस किए जाने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक जानकारी से इन दोनों देशों में इसी भूकंप के कारण झटके महसूस होने की स्वतंत्र पुष्टि स्पष्ट नहीं है। इसलिए प्रभावित क्षेत्रों और नुकसान से जुड़ी जानकारी के लिए संबंधित देशों की भूकंप निगरानी एजेंसियों के अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।
भूकंप संभावित क्षेत्र में फिर बढ़ी चिंता तिब्बत हिमालयी भूगर्भीय क्षेत्र के करीब स्थित है, जहां भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों की परस्पर गति के कारण भूकंपीय गतिविधियां होती रहती हैं। जनवरी 2025 में भी तिब्बत के तिंगरी क्षेत्र में शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसमें बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ था। ताजा घटना ने एक बार फिर इस क्षेत्र में भूकंपरोधी निर्माण, आपदा प्रबंधन और समय पर राहत पहुंचाने की जरूरत को रेखांकित किया है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों की तलाश, घायलों का उपचार और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना है। मृतकों और घायलों की संख्या तथा नुकसान का अंतिम आकलन राहत अभियान आगे बढ़ने के साथ बदल सकता है।
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