सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : यरुशलम। इजरायल में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को आम चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया। चुनाव से एक दिन पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपनी पत्नी सारा के साथ यरुशलम स्थित ऐतिहासिक वेस्टर्न वॉल पहुंचे और प्रार्थना की। उन्होंने दीवार के पत्थरों के बीच एक प्रार्थना-पत्र भी रखा। यह चुनाव 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले और उसके बाद गाजा, लेबनान तथा ईरान से जुड़े संघर्षों के बाद पहला संसदीय चुनाव है।
क्या है वेस्टर्न वॉल का ऐतिहासिक महत्व? वेस्टर्न वॉल को हिब्रू भाषा में ‘कोटेल’ भी कहा जाता है। यह यरुशलम के पुराने शहर में स्थित प्राचीन यहूदी मंदिर परिसर की बाहरी सहायक दीवार का हिस्सा है। यहूदियों के लिए यह सबसे पवित्र प्रार्थना स्थलों में से एक है। इसकी धार्मिक महत्ता प्राचीन यहूदी मंदिरों से जुड़े इतिहास के कारण है। दूसरा यहूदी मंदिर रोमन सेना ने 70 ईस्वी में नष्ट कर दिया था। इसके बाद वेस्टर्न वॉल यहूदी धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और सामुदायिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक बन गई। यहां श्रद्धालु प्रार्थना करते हैं और कई लोग अपनी मनोकामनाएं लिखकर कागज के छोटे टुकड़े दीवार की दरारों में रखते हैं।
नेतन्याहू के लिए चुनाव क्यों अहम? इस चुनाव में नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गठबंधन और उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों के बीच मुकाबला है। मतदाता सीधे प्रधानमंत्री नहीं चुनते, बल्कि संसद यानी नेसेट की 120 सीटों के लिए राजनीतिक दलों को वोट देते हैं। इसके बाद सरकार बनाने के लिए गठबंधन तैयार किया जाता है। इसलिए मतदान के बाद भी नई सरकार का स्वरूप तय होने में समय लग सकता है। नेतन्याहू की वेस्टर्न वॉल यात्रा धार्मिक आस्था और इजरायल की ऐतिहासिक विरासत से जुड़ी है। वहीं, चुनाव का परिणाम देश की सुरक्षा नीति, घरेलू राजनीति और भविष्य की सरकार की दिशा को प्रभावित कर सकता है।
Hashtags: #WorldInternational #Bhopal #इजरायल #मतदान #शुरू #नेतन्याहू #वेस्टर्न #वॉल #प्रार्थना #इजरायलमेंमतदानशुरू