सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान की सरकार को सत्ता से हटाने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद, रक्षा बलों (IDF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को ईरानी शासन को उखाड़ फेंकने का निर्देश दिया है। नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को इजरायल की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि इस खतरे को समाप्त करने के लिए सत्ता परिवर्तन जरूरी है।

परमाणु कार्यक्रम को लेकर लगाए आरोप

नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि ईरान फिर से परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई पर अपने पिता की नीतियों को आगे बढ़ाने का आरोप भी लगाया। इजरायली प्रधानमंत्री के अनुसार, यदि ईरान परमाणु हथियार हासिल कर लेता है, तो इससे इजरायल के अस्तित्व और सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। ये दावे नेतन्याहू के बयान का हिस्सा हैं; ईरान के परमाणु कार्यक्रम की मौजूदा स्थिति का स्वतंत्र आकलन अलग विषय है।

अमेरिका के समर्थन का भी किया जिक्र नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र करते हुए दावा किया कि दोनों देश ईरान से पैदा होने वाले खतरे को समाप्त करने के लिए साथ काम कर सकते हैं। हालांकि, ईरानी शासन को हटाने के लिए अमेरिका की ओर से किसी नए सैन्य अभियान में शामिल होने की स्पष्ट आधिकारिक पुष्टि को नेतन्याहू के बयान से अलग समझना जरूरी है।

क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका नेतन्याहू के बयान से पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका है। ईरान और इजरायल के बीच पहले से जारी टकराव के बीच सत्ता परिवर्तन की बात सैन्य कार्रवाई के दायरे को लेकर नए सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों के बीच इस बात पर भी चर्चा है कि केवल हवाई हमलों से किसी देश की सरकार को गिराना कितना संभव होगा। फिलहाल, नेतन्याहू का बयान इजरायल की घोषित नीति और रणनीतिक लक्ष्य को दर्शाता है। ईरान में सत्ता परिवर्तन होगा या इसके लिए कोई नई सैन्य कार्रवाई की जाएगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।


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