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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2026 के मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार के पीछे ईरान युद्ध की भूमिका स्वीकार की है। हालांकि उन्होंने सैन्य कार्रवाई के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि अगर उन्हें दोबारा ऐसा मौका मिला तो वह फिर हमला करेंगे। इस चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लिया है। इससे ट्रंप प्रशासन के लिए आने वाले दो साल में राजनीतिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

ट्रंप ने बुधवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि ईरान युद्ध ने चुनाव परिणामों को प्रभावित किया। उनके मुताबिक, युद्ध के कारण पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी भी मतदाताओं की नाराजगी की एक वजह बनी। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई जरूरी थी और वह अपने फैसले में कोई बदलाव नहीं करते। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी रिपब्लिकन पार्टी की हार के लिए ईरान युद्ध को प्रमुख कारण बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पार्टी की हार की असली वजह युद्ध है। उनके बयान से रिपब्लिकन खेमे में चुनावी नतीजों को लेकर मतभेद भी सामने आए हैं।

चुनाव परिणामों के बाद डेमोक्रेट्स को कांग्रेस के दोनों सदनों में नियंत्रण मिलने से ट्रंप की नीतियों पर निगरानी और जांच का दायरा बढ़ सकता है। डेमोक्रेटिक नेताओं ने महंगाई, ईंधन और स्वास्थ्य सेवाओं की लागत कम करने को प्राथमिकता देने की बात कही है।


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