अमेरिका के 2026 मिडटर्म चुनावों में भारतीय मूल के नेताओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। अमेरिकी संसद में भारतीय-अमेरिकी सांसदों के अनौपचारिक समूह 'समोसा कॉकस' की ताकत फिर बढ़ने जा रही है। चार मौजूदा सांसदों ने अपनी सीटें बरकरार रखी हैं, जबकि फ्लोरिडा से पिया डांडिया ने पहली बार जीत दर्ज कर प्रतिनिधि सभा में प्रवेश किया है। एरिजोना से अमीष शाह भी जीत की ओर बढ़ रहे हैं। उनके चुनाव परिणाम की अंतिम पुष्टि के बाद समूह के सदस्यों की संख्या छह हो सकती है।
समोसा कॉकस में भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद शामिल हैं। यह कोई आधिकारिक संसदीय संगठन नहीं, बल्कि भारतीय-अमेरिकी प्रतिनिधियों का अनौपचारिक समूह है। इसके सदस्य अमेरिका में भारतीय समुदाय से जुड़े मुद्दों और भारत-अमेरिका संबंधों पर भी अपनी राय रखते हैं।
इस चुनाव में कैलिफोर्निया से अमी बेरा ने लगातार आठवीं बार जीत हासिल की। रो खन्ना ने छठा कार्यकाल सुरक्षित किया, जबकि वर्जीनिया से सुहास सुब्रमण्यम और वॉशिंगटन से प्रमिला जयपाल भी दोबारा प्रतिनिधि सभा पहुंचने में सफल रहे।
फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से पिया डांडिया ने रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी अस्कर को हराकर जीत दर्ज की। उन्हें करीब 51.9 प्रतिशत वोट मिले। वहीं, एरिजोना के पहले कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में अमीष शाह को 85 प्रतिशत मतगणना तक 52.6 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी जे फेली को 45.4 प्रतिशत मत प्राप्त हुए थे। उस समय मुकाबले का आधिकारिक परिणाम घोषित नहीं हुआ था।
दूसरी ओर, भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी ओहायो के गवर्नर पद का चुनाव हार गए। श्री थानेदार और राजा कृष्णमूर्ति भी इस बार प्रतिनिधि सभा में नहीं लौटेंगे। इस तरह भारतीय-अमेरिकी नेताओं के लिए चुनाव परिणाम मिले-जुले रहे, लेकिन समोसा कॉकस की संसदीय मौजूदगी मजबूत होने की संभावना बनी हुई है।
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