छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में महासमुंद फैमिली कोर्ट के न्यायाधीश के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के मामले में सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य को लाइन अटैच कर दिया गया है। एसएसपी रजनेश सिंह ने उन्हें तत्काल प्रभाव से थाने की जिम्मेदारी से हटाने का आदेश जारी किया है। उनकी जगह टीआई नरेश चौहान को सरकंडा थाने का नया प्रभारी बनाया गया है।
यह पूरा मामला राजकिशोर नगर में एक प्रॉपर्टी कारोबारी की जन्मदिन पार्टी के दौरान हुए विवाद से जुड़ा है। 31 अक्टूबर की रात महासमुंद फैमिली कोर्ट में पदस्थ न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी अपने परिवार के साथ बिलासपुर स्थित ससुराल में थे। आरोप है कि देर रात जन्मदिन समारोह में तेज आवाज में ढोल-नगाड़े बजाए जा रहे थे और आतिशबाजी की जा रही थी। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और न्यायाधीश, उनकी पत्नी तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई।
दोनों पक्षों की शिकायत पर दर्ज हुई FIR
घटना के बाद न्यायाधीश की शिकायत पर प्रॉपर्टी कारोबारी अभय बरुआ और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। वहीं, दूसरे पक्ष की शिकायत पर न्यायाधीश प्रफुल्ल सोनवानी, उनकी पत्नी और साले के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई। न्यायिक अधिकारियों ने न्यायाधीश के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई थी।
नरेश चौहान को मिली थाने की कमान
एसएसपी रजनेश सिंह के छुट्टी से लौटने के बाद पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगे जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद प्रदीप आर्य को लाइन अटैच कर दिया गया। हालांकि, पुलिस विभाग के जारी आदेश में कार्रवाई का कारण प्रशासनिक बताया गया है। इसमें एफआईआर दर्ज करने के मामले को सीधे तौर पर कार्रवाई की वजह नहीं बताया गया है।
नरेश चौहान को सरकंडा थाने की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे इससे पहले रतनपुर, सीपत और कोटा थानों में पदस्थ रह चुके हैं।
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