भोपाल ।  राज्य सरकार ओएमटी मॉडल पर प्रदेश के छह मार्गों का संचालन करेगी। इस मॉडल के तहत उक्त छह मार्गों पर चलने वाले हल्के व्यावसायिक भार-वाहन, खाली तथा भरे हुए ट्रक और मल्टी एक्सल ट्रक से टोल वसूला जाएगा। आमजन पर इस व्यवस्था का प्रभाव न पड़े इसलिए यात्री वाहनों को टोल टैक्स से छूट रहेगी।लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश की उन सड़कों पर टोल टैक्स लेने की रणनीति बनाई है, जहां भारी वाहनों की आवाजाही अधिक है। प्रदेश में सड़कों के रखरखाव के लिए सरकार ओएमटी (आपरेशन, मेंटेनेंस, ट्रांसफर या संचालन, रखरखाव तथा हस्तांतरण) माडल पर छह मार्गों का संचालन करेगी। इसके लिए भोपाल- विदिशा, बड़वाह-धामनोद, मनावरमांगोद, सरदारपुर-राजगढ़-बाग, दमोह-हटा-गैसाबाद और शिवपुरी पोहरी-कराहल-गोरस मार्ग का चयन किया है। इन पर  इनकी वजह से सड़कों के रखरखाव पर काफी ध्यान देना पड़ता है और काफी राशि भी लगती है। इसे देखते हुए पहले चरण में छह सड़कों का चयन करके उन्हें ओएमटी माडल पर संचालित करने का निर्णय लिया है। जो भी एजेंसी इन सड़कों को लेगी, उन्हें सड़कों के रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी उठानी होगी। इसके एवज में उन्हें टोल वसूलने का अधिकार मिलेगा।उधर, विभाग बीओटी (बिल्ट, आपरेट एवं ट्रांसफर) माडल पर दस साल पहले बनी सड़कों पर टोल वसूली की स्थिति का अध्ययन करवा रहा है। इसमें यह देखा जा रहा है कि जिन सड़कों पर टोल वसूला जा रहा है, उनकी लागत निकल चुकी है या नहीं। यदि वह निकल गई है तो फिर कब तक आमजन को उन पर से गुजरने के लिए टोल देना होगा। विभागीय मंत्री गोपाल भार्गव ने बताया कि बीओटी माडल पर बनी सड़कों से जुड़े सभी पहलुओं का अध्ययन कराया जा रहा है। आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के तहत गठित अधोसंरचना संबंधी मंत्री समूह ने भी इसकी सिफारिश की है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्री समूह की बैठक में इसके निर्देश दिए थे। टोल टैक्स से ‎जिन लोगों को छूट रहेगी उनमें  केंद्र व राज्य सरकार से संबंधित सभी वाहन न संसद और विधानसभा के सदस्य, भारतीय सेना से संबंधित वाहन न एंबुलेंस, फायर बिग्रेड,  भारतीय डाक तथा तार विभाग से संबंधित वाहन,  कृषि उपयोग में आने वाले ट्रैक्टर-ट्राली,  आटो रिक्शा, दुपहिया वाहन तथा बैलगाड़ियां न स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं अधिमान्य पत्रकार, भूतपूर्व सांसद एवं विधायक के वाहन न यात्री वाहन जैसे-बस, कार, जीप आ‎दि शा‎मिल है।