सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने स्पैम कॉल और अनचाहे व्यावसायिक संदेशों पर रोक लगाने के लिए नियम और सख्त कर दिए हैं। नए नियमों के तहत टेलीकॉम कंपनियां संदिग्ध स्पैम नंबरों की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित व्यवस्था का इस्तेमाल करेंगी। संशोधित व्यवस्था में यदि किसी नंबर के खिलाफ 10 दिनों के भीतर कम से कम तीन अलग-अलग उपभोक्ताओं की शिकायतें मिलती हैं और उसे कंपनी की एआई प्रणाली संदिग्ध स्पैम के रूप में चिन्हित करती है, तो कार्रवाई शुरू की जा सकती है। आगे की जांच के लिए पांच शिकायतों के बाद अतिरिक्त कार्रवाई का प्रावधान भी है।
बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले टेलीमार्केटर्स और स्पैम भेजने वालों के नंबरों पर लंबे समय तक कनेक्शन बंद करने और ब्लैकलिस्ट करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। ट्राई के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में 46,786 दूरसंचार संसाधनों को एक साल के लिए डिस्कनेक्ट किया गया और 263 प्रेषकों को एक साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया। उपभोक्ता अनचाही व्यावसायिक कॉल या संदेश मिलने पर ट्राई की शिकायत व्यवस्था का इस्तेमाल कर सकते हैं। ट्राई के अनुसार स्पैम या अनचाही व्यावसायिक संचार की शिकायत के लिए 1909 और डीएनडी सेवा का उपयोग किया जा सकता है।
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