सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : किंग कोबरा के जहरीले डंक से होने वाली मौतों को रोकने के लिए वैज्ञानिक लगातार बेहतर एंटीवेनम विकसित करने पर काम कर रहे हैं। हालिया शोध में नैनोबॉडी आधारित एंटीवेनम को सांप के जहर के खिलाफ एक संभावित नई तकनीक के रूप में देखा जा रहा है। नैनोबॉडी बेहद छोटे एंटीबॉडी जैसे प्रोटीन होते हैं, जिन्हें विषैले प्रोटीन को पहचानकर उन्हें निष्क्रिय करने के लिए विकसित किया जा सकता है। किंग कोबरा यानी Ophiophagus hannah के जहर में कई तरह के विषैले प्रोटीन पाए जाते हैं, जिनमें न्यूरोटॉक्सिन प्रमुख हैं। ये शरीर के तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं और गंभीर स्थिति में सांस लेने में परेशानी जैसी जानलेवा समस्याएं पैदा कर सकते हैं।

वैज्ञानिकों का लक्ष्य ऐसे एंटीवेनम तैयार करना है जो पारंपरिक उपचार की तुलना में ज्यादा सटीक तरीके से अलग-अलग विषैले घटकों को निष्क्रिय कर सके। हाल के अध्ययनों में कुछ नैनोबॉडी संयोजनों ने कई सांपों के जहर के खिलाफ प्रभावी परिणाम दिखाए हैं, हालांकि इन्हें व्यापक मानव उपचार के लिए उपलब्ध कराने से पहले आगे के परीक्षण जरूरी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह शोध भविष्य में कम लागत, अधिक व्यापक और बेहतर लक्षित एंटीवेनम विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। हालांकि सांप के काटने की स्थिति में प्रयोगात्मक उपायों पर निर्भर नहीं करना चाहिए और तत्काल चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है। 


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