सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ Mahendragiri, Tamil Nadu : भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम ने अगले LVM3 मिशन के लिए प्रणोदन से जुड़ी एक अहम कसौटी पूरी कर ली है। LVM3-M7 वाहन के लिए निर्धारित CE20 क्रायोजेनिक इंजन ने 6 जुलाई को तमिलनाडु के महेंद्रगिरि स्थित ISRO Propulsion Complex में अपना उड़ान स्वीकृति हॉट टेस्ट पूरा किया।

परीक्षण के दौरान इंजन ने पहले 45 सेकंड तक 19.5 टन थ्रस्ट पर और फिर 25 सेकंड तक 22 टन थ्रस्ट पर काम किया। 22 टन वाले चरण में पहली बार उड़ान स्वीकृति परीक्षण के लिए Nozzle Protection System का इस्तेमाल किया गया। परीक्षण के पूरे समय इंजन प्रणालियों और प्रोटेक्शन सिस्टम का प्रदर्शन संतोषजनक रहा।

स्वदेशी रूप से विकसित CE20, LVM3 प्रक्षेपण यान के ऊपरी चरण को शक्ति देता है। यह इंजन अब तक आठ सफल LVM3 मिशनों में इस्तेमाल हो चुका है, जिनमें Chandrayaan-2, Chandrayaan-3 और तीन वाणिज्यिक प्रक्षेपण शामिल हैं। Gaganyaan कार्यक्रम में उपयोग के लिए यह इंजन मानव-रेटिंग योग्यता आवश्यकताओं को भी पूरा कर चुका है।

रीफर्बिशमेंट के बाद परीक्षण किए गए इस इंजन को LVM3-M7 के लिए एकीकृत किए जा रहे C32 फ्लाइट स्टेज में लगाया जाएगा। सफल परीक्षण से मिशन की तैयारी आगे बढ़ी है और समुद्र-स्तर परीक्षण पद्धति की पुष्टि भी हुई है, जिससे उच्च-ऊंचाई परीक्षण के लिए जरूरी संसाधनों की जरूरत घटती है।


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