सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में एक बार फिर चिंता का माहौल बन गया है। चीन की नई व्यापारिक और सप्लाई रणनीति के चलते भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। उद्योग संगठनों ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप और राहत उपायों की मांग की है।
जानकारों के मुताबिक चीन से आने वाले इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और कच्चे माल की सप्लाई में बदलाव तथा कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भारतीय कंपनियों पर पड़ रहा है। मोबाइल, कंप्यूटर, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटो इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी कई कंपनियां इससे प्रभावित हो सकती हैं।
उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि समय रहते वैकल्पिक सप्लाई चेन और घरेलू उत्पादन को मजबूत नहीं किया गया तो भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है। कई कंपनियों ने सरकार से आयात नीति में राहत, उत्पादन प्रोत्साहन और स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति भारत के लिए आत्मनिर्भर इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को तेज करने का अवसर भी बन सकती है। सरकार पहले से ही ‘मेक इन इंडिया’ और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) जैसी योजनाओं के जरिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है।
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