CNN Central News & Network–ITDC India Epress/ITDC News भोपाल: शक्तिशाली सौर तूफान ने खगोलविदों और आसमान देखने वालों के बीच उत्साह बढ़ा दिया है, क्योंकि दुर्लभ ऑरोरल डिस्प्ले, जिसे आम तौर पर Northern Lights कहा जाता है, भारत के कुछ हिस्सों से दिखाई दे सकता है। यह घटना सूर्य से निकले coronal mass ejection (CME) के कारण पैदा हुए मजबूत G3-class geomagnetic storm से जुड़ी है, जिसने पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के साथ अंतःक्रिया की है। ऐसे घटनाक्रम ऑरोरल ज़ोन को उसके सामान्य ध्रुवीय क्षेत्रों से काफी आगे तक फैला सकते हैं, जिससे कम अक्षांश वाले इलाकों में भी इसे देखने का दुर्लभ अवसर बनता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऑरोरा देखने की सबसे बेहतर संभावना उत्तर भारत और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में है, खासकर Ladakh, Jammu & Kashmir, Himachal Pradesh और Uttarakhand के इलाकों में, जहां अंधेरा आसमान और कम प्रकाश प्रदूषण दृश्यता को बेहतर बनाते हैं। इससे पहले भी इसी तरह के सौर तूफानों के दौरान Ladakh के ऊपर ऑरोरल डिस्प्ले दर्ज किए गए हैं, जो भारत के लिए बेहद दुर्लभ घटना मानी जाती है।

इसे देखने का सबसे उपयुक्त समय सूर्यास्त के बाद से लेकर देर रात तक माना जा रहा है, बशर्ते मौसम साफ रहे। लोगों को सलाह दी गई है कि वे शहरों की रोशनी से दूर जाएं और उत्तरी क्षितिज की ओर देखें। हालांकि इसके दिखने की गारंटी नहीं है, लेकिन मौजूदा geomagnetic activity ने इस शानदार प्राकृतिक प्रकाश प्रदर्शन को देखने की संभावना बढ़ा दी है।

वैज्ञानिक सौर तूफान के satellite communications, GPS systems और radio networks पर संभावित असर की भी निगरानी कर रहे हैं। इसके बावजूद, आसमान और खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वालों के लिए यह भारत की धरती से प्रकृति के सबसे असाधारण आकाशीय दृश्यों में से एक को देखने का दुर्लभ मौका है।


Hashtags: #ScienceTechnology #Bhopal #DeskSource #Aurora #SolarStorm #NorthernLights #भपल #दरलभऑर #सरतफ #G3ClassGeomagneticStorm