सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इंडोनेशिया के बोर्नियो द्वीप में वन्यजीव संरक्षण के लिए शुरू किया गया एक अनोखा प्रयोग स्थानीय लोगों के व्यवहार में बदलाव ला रहा है। केहातिकु परियोजना के तहत ग्रामीणों को जंगली जानवरों का शिकार करने के बजाय उनकी तस्वीरें और आवाज रिकॉर्ड करने के लिए पैसे दिए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य वन्यजीवों को मारने की बजाय जीवित रहने पर आर्थिक रूप से अधिक मूल्यवान बनाना है।

पश्चिम कालीमंतन के नौ गांवों में चल रही इस योजना में स्थानीय लोग मोबाइल ऐप के जरिए वन्यजीवों की तस्वीरें या रिकॉर्डिंग अपलोड करते हैं। आम पक्षी की तस्वीर के लिए करीब 5,000 इंडोनेशियाई रुपिया, जबकि लुप्तप्राय ओरंगुटान की तस्वीर के लिए 1.30 लाख रुपिया तक भुगतान किया जाता है। सफल पर्यवेक्षक महीने में 10 लाख रुपिया तक कमा सकते हैं।

इस योजना में अब तक 3.5 लाख से अधिक वन्यजीव रिकॉर्ड जमा किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग आधे रिकॉर्ड सत्यापित होने के बाद भुगतान के योग्य पाए गए। मोबाइल ऐप और कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणाली की मदद से दोहराव या गलत रिकॉर्ड की पहचान की जाती है। परियोजना में पक्षियों, बंदरों, जंगली बिल्लियों और हिरण समेत 73 प्रजातियां शामिल हैं। परियोजना का असर संरक्षण पर भी दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, दो गांवों ने स्वेच्छा से शिकार पर प्रतिबंध लागू किया है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इस मॉडल की दीर्घकालिक सफलता के लिए लगातार आर्थिक सहायता जरूरी होगी। फिलहाल परियोजना के लिए 2028 तक धन उपलब्ध है।


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